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NCPI के दफ्तर के बाहर तैनात हुए सेना के जवान, TMC बागी सासंदों के ज्वाइन करने के बाद बढ़ी सुरक्षा

TMC Crisis: टीएमसी के 20 बागी सांसदों के NCPI में विलय और NDA समर्थन की घोषणा के बाद हावडा में NCPI दफ्तर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि किसी भी संभावित तनाव से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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Security forces deployed outside NCPI office

NCPI ऑफिस के बाहर सुरक्षा बल तैनात (फोटो- एएनआई एक्स पोस्ट)

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में इस समय राजनीतिक माहौल बेहद गरम बना हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के एक साथ नई पार्टी में शामिल होने के बाद राज्य में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इसी बीच हावडा स्थित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के दफ्तर के बाहर सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गए है। माना जा रहा है कि प्रशासन ने किसी भी संभावित विरोध, प्रदर्शन या तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। सोमवार सुबह से ही कार्यालय के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई।

TMC सांसदों के पार्टी में शामिल होने पर उठाया कदम

सोमवार सुबह से ही कार्यालय के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। पार्टी दफ्तार के साथ-साथ आसपास के इलाके में भी पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गईं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। सूत्रों के अनुसार, TMC के भीतर बढ़ते असंतोष और सांसदों के बड़े समूह के दल बदलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है। स्थानीय स्तर पर पार्टी समर्थकों के बीच तनाव की आशंका को देखते हुए दफ्तर के आसपास बैरिकेडिंग भी की गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

TMC बागी सांसदों ने NCPI को दिया समर्थन

बता दें कि हाल ही TMC के कम से कम 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर खुद के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी है। यह पार्टी वर्ष 2022 में बनी थी और अब तक देश में उसका कोई सांसद नहीं था। बागी सांसदों ने लिखित पत्र देकर कहा कि वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ काम करेंगे। सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने बैठक के बाद कहा कि 20 सांसद अब आधिकारिक तौर पर NCPI का हिस्सा हैं। लोकसभा अध्यक्ष अब सांसदों के हस्ताक्षरों का सत्यापन करेंगे।

TMC नेतृत्व ने विलय को चुनौती दी

इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। TMC नेतृत्व ने इस विलय को चुनौती देते हुए कहा है कि पार्टी एकजुट है और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अलग गुट की मान्यता संभव नहीं है। पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी सौंपा गया। अगर यह विलय मंजूर होता है तो लोकसभा में NDA की संख्या 314 तक पहुंच सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद बंगाल में राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं ले रही हैं।