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TMC Rebellion: मिथुन चक्रवर्ती के दगा करने के बाद भी ममता बनर्जी ने नहीं लिया सबक, सितारों पर करती रहीं भरोसा, अब उन्हीं ने अंधेरे में डुबोया

TMC Crisis: ममता बनर्जी ने टीएमसी में बॉलीवुड और बंगाली सिनेमा के सितारों को मौका दिया, मगर ये सितारे अपनी किस्मत चमका कर उनकी पार्टी में अंधेरा कर चलते बने।

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भारत

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MI Zahir

Jun 15, 2026

TMC Rebellion Film stars

ममता बनर्जी की टीएमसी से बगावत करने वाले फिल्मी सितारे । ( फोटो डिजाइन: पत्रिका)

TMC Rebellion Film stars: पश्चिम बंगाल में टीएमसी में बगावत के कारण आज भले ही बुरे दिन हों और हर तरफ से बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं, लेकिन इस दल ने करीब डेढ़ दशक तक प्रदेश पर एकछत्र राज किया है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी से नाराज हो कर कांग्रेस ​को विदा कह कर टीएमसी बनाई थी,जो कालातंर में उनकी पहचान बन गई। उन्होंने सेल्युलाइड की दुनिया के सितारों को सियासत में ला कर सामयिक रूप से अपनी पार्टी को मजबूत किया और सितारों को नई जमीन और नया आसमान दिया। उस समय ममता कई एक्टर्स व एक्ट्रेसेज को बहुत लाड से टीएमसी में लाईं, धीरे-धीरे सभी सितारे छोड़ कर चले गए। बॉलीवुड अदाकार मिथुन चक्रवर्ती का टीएमसी को धोखा देना ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका था, लेकिन उसके बावजूद ममता ने सबक नहीं लिया और और दूसरे सितारों को मौका देने के बाद यह भरोसा बार-बार टूटता ही चला गया।

बंगाली सिनेमा के सितारों पर भरोसा करना गलती

वे बंगाली सिनेमा के सितारों पर भरोसा कर उनकी सियासी किस्मत चमकाती रहीं और इन सितारों के धोखा देने से उनकी सियासत में अंधेरा छाया और पार्टी कमजोर होती चली गई। अहम बात यह है कि अपने जमाने के मशहूर बॉलीवुड अदाकार मिथुन चक्रवर्ती रील लाइफ की वजह से भले ही दर्शकों में लोकप्रिय रहे हों, लेकिन टीएमसी की जमीन के माध्यम से वे आगे सियासी रियल लाइफ की कामयाबी का रास्ता तय करते गए ,बाद में राज्यसभा सदस्य बने,मगर भाजपा का दामन थाम लिया।

समय बदला तो सेल्युलाइड के सितारों ने उन्हें पीठ दिखा दी

बंगाली सिनेमा के अदाकार देव दीपक अधिकारी हों या अदाकारा सायोनी घोष, ममता ने उनकी सियासी किस्मत बना दी। इस सूची में रचना बनर्जी, शताब्दी रॉय और जून मालिया का नाम भी शामिल है। समय बदला तो सेल्युलाइड के सितारों कोयल मलिक, सायोनी घोष,शताब्दी रॉय,रचना बनर्जी दीपक अधिकारी देव,जून मालिया व क्रिकेट स्टार यूसुफ पठान ने उन्हें पीठ दिखा दी। इनमें से अपवाद रहे बॉलीवुड के कद्दावर सितारे शत्रघ्न सिन्हा ने कह दिया है कि ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे।

जब​ सितारों को राजनीति में लाना एक ट्रेंड माना जाने लगा था

गौरतलब है कि 1984 में कांग्रेस नेता राजीव गांधी ने बॉलीवुड सुपर स्टार राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन पर लोकसभा चुनाव में दांव लगाया गया था और उन्हें लालकृष्ण आडवाणी व हेमवतीनंदन बहुगुणा के सामने चुनाव लड़वाया था। खन्ना आडवाणी से हार गए थे, लेकिन बच्चन ने बहुगुणा को पराजित किया था। तब से ​राजनीति में यह माना जाने लगा था कि अगर बॉलीवुड सितारों को सियासत में लाया जाए तो ​पार्टियों को बहुत फायदा होता है और राजनीति के लिए यह एक ट्रेंड माना जाने लगा, मगर ​प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बंगाल मे यह प्रयोग समय के साथ विफल साबित हो गया।

ममता बनर्जी हर मोर्चे पर फाइट कर रहीं

बहरहाल अब आज की सियासत का एक हॉट टॉपिक यह है कि रोज खबर आ रही है कि टीएमसी का अमुक नेता बागी हो गया और इस नेता ने यह रंग दिखा दिया। आज ममता बनर्जी चुनाव आयोग और अपनी पार्टी की पहचान बचाने के संघर्ष में जुटी हुई हैं और अदालत में अपने दल का मजबूती से पक्ष रख रही हैं। कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी ने उन्हें पार्टी उपाध्यक्ष पद देने का प्रस्ताव दिया है। अब टीएमसी सितारों से खाली हो गई है और इस दल का आसमान अब धुंधला नजर आ रहा है।