सुप्रीम कोर्ट ने 2 मई को सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ का गठन किया है। यह पीठ तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती के दौरान पर्यवेक्षकों के तौर पर केवल केंद्र सरकार और PSU (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) के कर्मचारियों की तैनाती को चुनौती देने वाली टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया गया था।
Supreme Court Special Bench: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की मतगणना में केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों को सुपरवाइजर के रूप में तैनात करने के फैसले के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की याचिका पर सुनवाई के लिए कल यानी 2 मई को स्पेशल बेंच गठित कर दी है। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जोयमल्या बागची की बेंच कल सुबह 10:30 बजे इस याचिका पर सुनवाई करेगी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को TMC की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें प्रत्येक मतगणना टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से कम से कम एक को केंद्र सरकार या केंद्र PSU का कर्मचारी बनाने का प्रावधान किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि यह फैसला चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसमें कोई अवैधता नहीं है।
TMC ने सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की है। पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि पश्चिम बंगाल में मतगणना सोमवार सुबह 4 मई को शुरू होने वाली है। यदि मामले में देरी हुई तो याचिका निरर्थक हो जाएगी। TMC का तर्क है कि केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को तैनात करना पक्षपातपूर्ण है और राज्य कर्मचारियों को बाहर रखना उचित नहीं है। वहीं, चुनाव आयोग ने सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था की है।
कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ TMC की यह याचिका अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयार है। मामले की तात्कालिकता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष बेंच गठित कर तुरंत सुनवाई का फैसला लिया है।