भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कथित कोयला घोटाले से जुड़े आरोपों को लेकर 100 करोड़ रुपए का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मामला कोलकाता की अलीपुर अदालत में दर्ज किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा उन्हें कथित तौर पर कोयला घोटाले से जोड़ने वाले आरोपों को लेकर दायर किया गया है।
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपों के खिलाफ 100 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की है और यह मामला कोलकाता की अलीपुर सिविल कोर्ट में दायर किया गया है।
'एक्स' पर पोस्ट में सुवेंदु अधिकारी ने लिखा, “श्रीमती ममता बनर्जी, मैं अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करता हूं, जबकि आप मुद्दों और लोगों को भ्रमित करती हैं। कथित कोयला घोटाले में मेरी संलिप्तता को लेकर आपके घृणित और मनगढ़ंत आरोपों से जुड़े मानहानि नोटिस पर आपकी भ्रामक चुप्पी आपको इस स्थिति से उबरने में मदद नहीं करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने आपको अदालत तक ले जाने का जो वादा किया था, उसे निभाते हुए आज आपके खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया है। कृपया जल्द से जल्द अपने विद्वान अधिवक्ताओं से संपर्क करें, अन्यथा आपको शीघ्र ही 100 करोड़ रुपए का हर्जाना मुझे देना पड़ सकता है, जिसे मैं आगे चलकर दान (चैरिटी) में दे दूंगा।”
इससे पहले, सप्ताह की शुरुआत में सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि यदि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मानहानि नोटिस का जवाब नहीं देती हैं, तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया था कि जवाब देने के लिए दी गई समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।
बुधवार को एक्स पर एक अन्य पोस्ट में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से कोई जवाब न दिया जाना इस बात को दर्शाता है कि उन्हें कथित कोयला घोटाले से जोड़ने वाले आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री का यह आचरण अदालत में उनके खिलाफ जाएगा।
गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी ने पिछले शुक्रवार को मुख्यमंत्री को कानूनी नोटिस भेजकर उनसे 72 घंटे के भीतर सबूत पेश करने की मांग की थी, जिससे यह साबित किया जा सके कि वह कथित कोयला तस्करी मामले में शामिल थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने की स्थिति में वह दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू करेंगे।
एक अन्य पोस्ट में सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि उन्हें कोयला घोटाले से जोड़ने की कोशिश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चल रही जांच से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के दिए गए ऐसे बयान न केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सार्वजनिक विमर्श की गरिमा को भी कमजोर करते हैं।