बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने महाकुंभ ‘मृत्युकुंभ‘ कहा। उनके इस बयान पर CM आदित्यनाथ योगी ने पलटवार किया वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में ज्योतिष पीठ के 46वें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन मिल रहा है।
Mahakumbh 2025: बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने प्रयागराज के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर हाल में हुई भगदड़ की घटना का उल्लेख करते हुए बीते दिन मंगलवार को केंद्र और उत्तर बंगाल प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य विधानसभा में कहा कि महाकुंभ ‘मृत्युकुंभ‘ है। सियासत गरमाई हुई है। CM के इस बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा, महाकुंभ में अबतक 56 करोड़ से अधिक लोग ' संगम ' में 'पवित्र डुबकी' लगा चुके हैं और उन पर 'निराधार आरोप लगाना, इन 56 करोड़ लोगों की आस्था के साथ खेलने जैसा है। आदित्यनाथ ने भगदड़ में मारे गए 30 लोगों और धार्मिक समागम के लिए प्रयागराज जाते समय सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए अन्य लोगों के परिवारों के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की। साथ ही कहा, इसका राजनीतिकरण करना कैसे उचित है?" उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार को "इस सदी के महाकुंभ से जुड़ने का अवसर" मिलने को "सौभाग्य" बताया।
जहां एक ओर राजनीतिक दलों में और संतो में ममता बनर्जी के बयान पर विरोध जताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में ज्योतिष पीठ के 46वें शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रूप में उन्हें एक समर्थक भी मिल गया है। वह कहते हैं, 300 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम था। अगर यह कुप्रबंधन नहीं है, तो क्या है? लोगों को अपना सामान लेकर 25-30 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। नहाने के लिए आने वाला पानी सीवेज के पानी के साथ मिला हुआ है और वैज्ञानिक इसे नहाने के लिए उपयुक्त नहीं मानते हैं, फिर भी आप करोड़ों लोगों को इसमें नहाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।"
महाकुंभ में हो रहे हादसों पर बात करते हुए अपने बयान में ममता बनर्जी ने कहा, “यह ‘मृत्यु कुंभ’ है। मैं महाकुंभ का सम्मान करती हूं, मैं पवित्र गंगा मां का सम्मान करती हूं। लेकिन कोई योजना नहीं है। कितने लोग बरामद हुए हैं?” उन्होंने अमीरों और गरीबों के लिए किए गए इंतजामों में असमानता पर आगे कहा, “अमीरों, वीआईपी के लिए, 1 लाख रुपये तक के कैंप (टेंट) पाने की व्यवस्था उपलब्ध है। गरीबों के लिए, कुंभ में कोई व्यवस्था नहीं है। “मेले’ में भगदड़ की स्थिति आम है, लेकिन व्यवस्था करना महत्वपूर्ण है। “आपने क्या योजना बनाई?”