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‘मेरे कमरे में आओ, अगर बात नहीं मानी तो’… गॉडमैन चैतन्यानंद की अश्लील चैट्स हुई लीक

दिल्ली के स्वामी चैतन्यानांद सरस्वती मामले में नया खुलास हुआ है। चैतन्यानांद के पीड़िताओं को भेजे गए मैसेज सामने आए है जिनमें वो उन्हें शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रहा था।
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Sep 24, 2025
Swami Chaitanyananand Saraswati
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती (फोटो- एएनआई)

दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज में स्थित एक आश्रम के निदेशक द्वारा दर्जनों छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के मामले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। इस आश्रम के निदेशक स्वामी चैतन्यानांद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की 17 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। मामले की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए है। इसमें चैतन्यानांद द्वारा पीड़िताओं को भेजे गए अश्लील मैसेज भी सामने आए है, जिसमें वह छात्राओं को अपने साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रहा था।

लग्जरी लाइफ का लालच देकर फंसाने की कोशिश

शारदा इंस्टीट्यूट में 50 महिलाओं के मोबाइल फोन से मिले व्हाट्सएप संदेशों में अश्लील टेक्स्ट मैसेज और जबरन शारीरिक संपर्क जैसी घटनाओं का जिक्र है। जांच में यह भी सामने आया है कि चैतन्यानांद कुछ समय से नहीं बल्कि 16 सालों से महिलाओं का शोषण कर रहा था। चैतन्यानांद पीड़िताओं को पैसे और लग्जरी लाइफ का लालच देकर फंसाने की कोशिश करता था। एक मैसेज में उसने पीड़िता से कहा, मेरे कमरे में आओं मैं तुम्हें विदेश ले जाउंगा और इसके लिए तुम्हें एक पैसा भी देना नहीं पड़ेगा।

डर के दम पर किया शोषण

लालच के साथ साथ ड़र के दम पर भी चैतन्यानांद ने कई पीड़िताओं का फायदा उठाया। एक मैसेज में उसने पीड़िता से कहा, अगर तुम मेरा कहना नहीं मानोगी, तो मैं तुम्हें फेल कर दूंगा। अब तक की जांच और बरामद हुए टेक्स्ट के आधार पर, पुलिस का मानना है कि चैतन्यानंद कम से कम 16 साल से महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है। उसे दो बार पहले भी, 2009 और 2016 में, छेड़छाड़ के मामलों में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह बच निकला, और इसी वजह से उसका हौसला और बढ़ गया था।

अगस्त के शुरुआत में छात्राओं ने दर्ज कराई थी शिकायत

चैतन्यानंद आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। शारदा इंस्टीट्यूट में भी जिन छात्राओं ने चैतन्यानंद के खिलाफ मामला बयान दिया वह सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से थी। छात्राओं की शिकायत के मुताबिक, इंस्टीट्यूट की फैकल्टी और प्रशासनिक स्टाफ के साथ साथ हॉस्टल वार्डन ने भी इन कामों में चैतन्यानंद का साथ दिया था। अगस्त की शुरुआत में 17 छात्राओं ने डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में चैतन्यानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय वह लंदन में था। चैतन्यानंद को आखिरी बार आगरा में देखा गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा है।

Updated on:
24 Sept 2025 04:31 pm
Published on:
24 Sept 2025 04:21 pm