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विजय सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, तमिलनाडु में फसल लोन वसूली पर रोक

CM Vijay: तमिलनाडु सरकार ने किसानों को राहत देते हुए फसल लोन वसूली पर रोक लगाई। जानें फसल ऋण माफी योजना 2026, 75,000 रुपए तक कर्ज माफी और नए लोन की पूरी जानकारी।
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Sep 22, 2026
Vijay government farmers cases
तमिलनाडु के सीएम विजय (Photo-IANS)

Tamil Nadu crop loan recovery stay: सीएम विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार ने राज्य भर की सहकारी बैंकों और समितियों को फसल लोन की वसूली को फिलहाल रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला किसानों द्वारा कर्ज माफी की मांग के बीच लिया गया है।

30 सितंबर तक नया फसल लोन दिया जाए

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन किसानों ने अपना पुराना कर्ज पूरा चुका दिया है और जिन पर कोई बकाया नहीं है, उन्हें 30 सितंबर तक नया फसल लोन दिया जाए। सहकारी समितियों की रजिस्ट्रार जी. लता ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया कि सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ सहकारी बैंक और समितियां उन किसानों से कर्ज वसूलने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं, जिन्हें फसल ऋण माफी योजना 2026 के तहत केवल आंशिक राहत मिली थी।

कई किसानों के कर्ज का एक हिस्सा तो माफ हो गया था, लेकिन बाकी बची रकम वे चुका नहीं पाए और डिफॉल्टर हो गए। अब सर्कुलर में कहा गया है कि ऐसे बकाया फसल लोन से जुड़ी सभी वसूली की कार्रवाई अगले आदेश तक रोकी जाए। सहकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक 15,108 करोड़ रुपए के फसल लोन बांटे गए थे। इसमें से 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच दिए गए 5,932.23 करोड़ रुपए के लोन को माफी योजना के लिए पात्र माना गया था।

75,000 रुपए तक का फसल लोन माफ

इस योजना के तहत सरकार ने जमीन की सीमा देखे बिना 75,000 रुपए तक का फसल लोन माफ किया। अब तक 13.34 लाख किसानों के 5,267 करोड़ रुपए के लोन माफ किए जा चुके हैं। यह नया आदेश किसानों की उन शिकायतों के बाद आया है कि कई सहकारी समितियां आंशिक माफी पाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त वसूली कर रही थीं। साथ ही किसानों ने यह भी शिकायत की थी कि कुछ समितियां पुराना कर्ज चुकाने के बावजूद इस सीजन के लिए नया लोन देने में देरी कर रही हैं या मना कर रही हैं।

रजिस्ट्रार ने 8 जुलाई को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए क्षेत्रीय संयुक्त रजिस्ट्रारों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने को कहा है। जोनल कोऑर्डिनेटर और बैंक एमडी को तुरंत अपने अधिकार क्षेत्र की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों को यह निर्देश देना होगा, अनुपालन पर नजर रखनी होगी और नए आदेश तक किसी भी तरह की वसूली कार्रवाई को रोकना होगा। इस फैसले से आंशिक रूप से माफ लोन के कारण दबाव झेल रहे किसानों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है और पात्र किसानों को 30 सितंबर की समय सीमा से पहले खेती के लिए समय पर लोन भी मिल सकेगा।

Updated on:
22 Sept 2026 01:49 pm
Published on:
22 Sept 2026 01:48 pm
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