Tamil Nadu politics: तमिलनाडु में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से घमासान शुरू हो गया है। ईपीएस ने भाजपा की गठबंधन सरकार की बात का खंडन करते हुए कहा कि है कि अन्नाद्रमुक बहुमत से सरकार बनाएगी।
Tamil Nadu politics: तमिलनाडु में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दलों के बीच नेतृत्व को लेकर बयानाबाजियों में सियासी इशारे जारी हैं। गठबंधन में पिछले साल अप्रैल में जब अन्नाद्रमुक जुड़ी थी, तक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ईपीएस की मौजूदगी में खुद कहा था कि एनडीए ईपीएस (एडपाडी पलनीस्वामी, अन्नाद्रमुक महासचिव व पूर्व सीएम) के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ेगा। कुछ दिन पहले अमित शाह ने ईपीएस का नाम लिए बिना अन्नाद्रमुक के नेतृत्व में सरकार बनने और भाजपा के सरकार में भागीदार होने की बात कही तो राज्य की सियासत गर्मा गई।
अब पूर्व सीएम पलनीस्वामी ने दृढ़ता से कहा कि पार्टी का लक्ष्य एकल बहुमत हासिल करना और अपने दम पर सरकार बनाना है। कल्लकुरिची में एक पार्टी की बैठक में बोलते हुए ईपीएस ने भाजपा और आंतरिक आलोचकों दोनों को एक स्पष्ट संदेश दिया कि अन्नाद्रमुक एक मजबूत, स्वतंत्र राजनीतिक ताकत बनी हुई है जो अपने सहयोगियों की छाया में आए बिना शासन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा 32 साल तक राज्य पर शासन करने वाली अन्नाद्रमुक को “कोई भी ताकत” खत्म या “निगल” नहीं सकती। ईपीएस ने स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ पार्टी का नया गठबंधन रणनीतिक रूप से डीएमके विरोधी वोटों को मजबूत करने के उद्देश्य से था।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने पुष्टि की है कि ईपीएस गठबंधन का सीएम चेहरा बने हुए हैं और सरकार गठन पर कोई भी अंतिम निर्णय चुनाव के बाद सामूहिक रूप से किया जाएगा।
उधर, पूर्व तमिल मानिला कांग्रेस के नेता जीके वासन ने कहा कि तमिलनाडु में एनडीए में कोई संशय नहीं है। एआईएडीएमके-बीजेपी राज्य में सबसे मजबूत गठबंधन है। वासन ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गठबंधन की संस्कृति के प्रति सम्मान दिखाते हुए किसी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के मुद्दे को संबोधित किया। उन्होंने कहा, यह व्यापक रूप से स्पष्ट है कि अगर एनडीए विधानसभा चुनावों में सत्ता हासिल करता है तो मुख्यमंत्री कौन होगा।