Firecracker Blast: तमिलनाडु के विरुधुनगर में एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका होने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। हादसे में कई लोग घायल हैं और मलबे में अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
Firecracker Factory: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। धमाका इतना भयंकर था कि फैक्ट्री की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। प्रशासन और बचाव दल मौके पर युद्ध स्तर पर राहत कार्य में जुटे हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में 9 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे मलबा हटाया गया, शवों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई। इस हादसे में कम से कम 6 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां झुलसे हुए कुछ मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। जोरदार विस्फोट के कारण फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है। मलबे के नीचे कई अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं। ज्वलनशील रसायनों (केमिकल) की मौजूदगी के कारण आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबे को सावधानीपूर्वक हटा रही हैं ताकि अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द मेडिकल सहायता पहुंचाई जा सके।
विरुधुनगर और इसके आस-पास का क्षेत्र (विशेषकर शिवकाशी) पूरे देश में पटाखा और माचिस निर्माण का सबसे बड़ा हब माना जाता है। प्रारंभिक जानकारी और पूर्व में हुए ऐसे हादसों के पैटर्न के अनुसार, अक्सर ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब:
केमिकल मिक्सिंग रूम में अत्यधिक तापमान या घर्षण पैदा हो जाता है। क्षमता से अधिक बारूद और ज्वलनशील सामग्री का एक ही जगह पर भंडारण किया गया हो। सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई हो। प्रशासन ने हादसे के कारणों की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बात की भी जांच की जा रही है कि संबंधित फैक्ट्री के पास काम करने का वैध लाइसेंस था या नहीं। फिलहाल प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालना है। मृतकों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।