राष्ट्रीय

रात 12.30 पर गुरुग्राम में मजिस्ट्रेट के घर पेश हुए तेजिंदर बग्गा, मिली पुलिस सुरक्षा, फिर बरसे केजरीवाल पर

बीजेपी के युवा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को Punjab Police ने जिस दबंगई से दिल्ली आकर उनके घर में घुसकर उठा लिया, उससे अब बीजेपी और आप दोनों पार्टियों के बीच की लड़ाई नया मोड़ ले चुकी है। तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के पिता प्रीतपाल सिंह बग्गा का आरोप है कि पंजाब पुलिस ने उनके घर में गुंडों जैसा बर्ताव किया। प्रीतपाल सिंह तो यहां तक दावा करते हैं कि पंजाब पुलिस ने उन्हें मुक्के भी जड़े। उन्होंने पंजाब पुलिस पर अपहरण का मुकदमा भी ठोक दिया। सबसे बड़ा सवाल, क्या पंजाब पुलिस सही थी?

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May 07, 2022
मेडिकल जांच के बाद दिल्ली बीजेपी (BJP) के प्रवक्ता तजिंदर बग्गा (Tajinder Bagga) को देर रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम में द्वारका कोर्ट की मजिस्ट्रेट स्वयं सिद्ध त्रिपाठी के घर पर पेश किया गया

दिल्ली बीजेपी (BJP) के प्रवक्ता तजिंदर बग्गा (Tajinder Bagga) को देर रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम में द्वारका कोर्ट की मजिस्ट्रेट स्वयं सिद्ध त्रिपाठी के घर पर पेश किया गया। इस दौरान बग्गा ने मजिस्ट्रेट से कहा कि वह घर जाना चाहते हैं। कोर्ट ने उन्हें छोड़ने के साथ ही दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद वह अपने घर के लिए निकल गए। जानकारी के मुताबिक उनकी मेडिकल रिपोर्ट में हाथ और कंधे में चोट की बात सामने आई है। बग्गा सोमवार को कोर्ट के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराएंगे।

बग्गा को मिली पुलिस सुरक्षा

ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने एसएचओ से बग्गा को सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिया है। बग्गा ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को बताया कि अवैध हिरासत के दौरान उन्हें चोटें आई हैं। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्‍गा को शुक्रवार को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस पर दिल्ली के जनकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। ये एफआईआर तेजिंदर बग्गा के पिता ने कराई थी। इसके बाद मोहाली जाते वक्त पंजाब पुलिस की टीम को कुरुक्षेत्र में रोक लिया गया था। यहां बग्गा की गिरफ्तारी के संबध में पूछताछ की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस टीम भी वहां पहुंच गई। करीब सात घंटे के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस बग्गा को लेकर वापस आई। बग्गा की मेडिकल जांच करवाने के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

पंजाब पुलिस पर यूँ हुई FIR

दिल्ली के जनकपुरी थाने में तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के परिजनों ने एफआईआर में बताया कि पंजाब पुलिस के 10-15 लोग उनके घर में घुस आए और वो तेजिंदर को जबर्दस्ती अपने साथ ले जाने लगे। जब तेजिंदर और उनके पिता ने इसका विरोध किया तो उन्होंने पिता के साथ मारपीट की गई और उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर लिया। बता दें 1 अप्रैल को बग्गा के खिलाफ आईटी एक्ट में समाज में नफरत फैलाने का केस दर्ज हुआ था । तेजिंदर बग्गा पर पंजाब के मोहाली जिले में सोशल मीडिया पर कथित रूप से भड़काऊ बयान देने को लेकर एक मामला दर्ज है।

Inter State Arrest: जिग्नेश मेवाणी से लेकर तेजिंदर तक चर्चा में

बता दें कि अंतरराज्यीय गिरफ्तारी का यह पहला मामला नहीं है एक दिन पहले ही गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को देर रात असम पुलिस ने उनके गृह राज्य से गिरफ्तार किया और पूर्वोत्तर राज्य ले गई। उनकी गिरफ्तारी पीएम मोदी को लेकर किए गए एक कथित पोस्ट पर हुई थी। हालांकि, मेवाणी को बाद में जमानत दे दी गई।

बग्गा की गिरफ्तारी से उस पर हो गए हैं सवाल खड़े

लेकिन पंजाब पुलिस ने जिस तरह से बग्गा की गिरफ्तारी की उस पर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल है कि क्या एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में किसी को भी गिरफ्तार करने पहुंच सकती है? अगर हां, तो क्या गिरफ्तारी से पहले दूसरे राज्य की पुलिस को इसकी जानकारी देना जरूरी है? दिल्ली पुलिस का कहना है कि तेजिंदर की गिरफ्तारी में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। तो आइए आपको ऐसे तमाम सवालों के जवाब देने की कोशिश करते हैं।

क्या कहता है कानून, कैसे हो सकती है अंतरराज्यीय (Inter State) गिरफ्तारी

ऑल इंडिया बार एसोसिएशन के चेयरमैन आदीश अग्रवाल के मुताबिक एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के लिए तभी जाएगी, जब अपराध संगीन हो। यानी उस अपराध की सजा कम से कम सात साल या फिर उससे ज्यादा हो।

दूसरे राज्य में गिरफ्तारी से पहले देनी होती है संबंधित पुलिस को सूचना

सीनियर एडवोकेट आदीश अग्रवाल ने बताया कि अगर किसी राज्य या जिले की पुलिस दूसरे राज्य या जिले में गिरफ्तारी के लिए जाती है तो उस राज्य या जिले की पुलिस को गिरफ्तारी से पहले सिर्फ फोन करना, मैसेज भेजना या मौखिक तौर पर जानकारी देना ही काफी नहीं होता है। पुलिस को उस राज्य या जिले या लोकल थाने की पुलिस के पास जनरल डायरी एंट्री करवानी भी जरूरी होती है। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के लिए लोकल पुलिस को भी ले जाना जरूरी है। गिरफ्तारी के लिए पहुंचे पुलिसवालों की संख्या और उनके पास मौजूद हथियारों के बारे में भी लोकल थाने में सूचना देना जरूरी है। अग्रवाल के मुताबिक पुलिस को गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर आरोपी को संबंधित अदालत में पेश करना जरूरी होता है। अगर दूरी या किसी और वजह से ऐसा संभव नहीं है, तो गिरफ्तारी वाली जगह के नजदीकी मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी को पेश कर प्रोडक्शन वारंट लेना जरूरी होता है।

घर पहुंचकर फिर अरविंद केजरीवाल पर बरसे बग्गा

घर पहुंचने पर बग्‍गा दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर जमकर बरसे। उन्‍होंने कहा कि वह धमकियों और एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। साथ ही यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। संबंधित लोगों को दंडित किया जाएगा। देर रात दिल्‍ली में अपने घर पहुंचे बग्‍गा (Bagga) का बीजेपी समर्थकों ने जोरदार स्‍वागत किया। बग्‍गा के घर जश्‍न जैसा माहौल था। उन्‍होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल समझते हैं कि धमकियों और एफआईआर से हमें डरा सकते हैं तो मैं कहना चाहता हूं कि हम ये लड़ाई लड़ते रहेंगे। आप एक नहीं 100 FIR करो। हम उस धर्म से आते हैं जिन्होंने कश्मीरी पंडितों के लिए बलिदान दिया।

कश्मीर फाइल्‍स पर बात करता रहूंगा, पंजाब पुलिस की धमकी से नहीं डरता

तजिंदर सिंह बग्गा ने बताया कि उन्‍हें पंजाब पुलिस से धमकी मिली है। उनसे कहा गया है कि कश्मीर फाइल्‍स के ऊपर अगर वह बात करना बंद कर दें तो केस वापस ले लिया जाएगा। वह बोले, 'जो लोग मानते हैं कि वो पुलिस की मदद से कुछ भी कर सकते हैं, तो मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि एक बीजेपी कार्यकर्ता किसी से नहीं डरेगा। मैं हरियाणा, दिल्ली पुलिस और सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को मेरा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं।

Published on:
07 May 2022 05:34 am
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