तेलंगाना पुलिस ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को हिरासत में लिया है। इससे पहले शनिवार को कांग्रेस शासित राज्य की पुलिस ने रामचंदर राव को घर में नजरबंद किया था। पढ़ें पूरी खबर...
तेलंगाना BJP प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंदर राव को पुलिस ने घर से निकलते ही हिरासत में ले लिया। राव कामारेड्डी जिले के बांसवाड़ा शहर के लिए घर से निकल रहे थे। दरअसल, वहां बीते शुक्रवार को दो संप्रदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। रामचंदर राव हिंसा से पीड़ित परिवारों से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस की रेवंत रेड्डी सरकार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं दी।
हिरासत में लिए जाने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव ने X पर पोस्ट किया कि राज्य में आपातकाल जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि वह BJP MLA के. वेंकट रमना रेड्डी के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कामारेड्डी जा रहे। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बांसवाड़ा शहर में हिंदू संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान 100 BJP कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने लिखा, “एंटी-हिंदू, मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया है और बांसवाड़ा के हिंदुओं और कामारेड्डी में हमारे कार्यकर्ताओं के लिए खड़े होने की वजह से मुझे बोलारम PS ले जा रहे हैं।”
उन्होंने पहले लिखा था कि कांग्रेस शासित तेलंगाना में, ऐसा लगता है कि बांसवाड़ा के हिंदू पीड़ितों के लिए खड़ा होना और कामारेड्डी में हमारे कार्यकर्ताओं के लिए आवाज़ उठाना एक “क्राइम” बन गया है। यह साफ हो जाए, कांग्रेस नई मुस्लिम लीग है, इसने खुद को तुष्टीकरण के निचले और निचले लेवल तक गिरा दिया है। अपने कामों से, ऐसा लगता है कि यह हमारे इतिहास की बांटने वाली राजनीति के सबसे बुरे चैप्टर को भी पीछे छोड़ने के लिए पक्का इरादा कर चुकी है। अगर कांग्रेस को लगता है कि मुझे मेरे घर तक सीमित रखने से मैं चुप हो जाऊंगा या उसे जवाबदेही से बचने का मौका मिलेगा, तो यह बहुत बड़ी गलती है। मैं अपने लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहूंगा। चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो।
बांसवाड़ा शहर में शुक्रवार शाम को एक सुपरमार्केट में भक्ति गीत बजाने पर एक युवक के एतराज जताने के बाद झड़प हो गई। सुपरमार्केट के कर्मचारियों ने युवक पर हमला किया। इसके बाद सुपरमार्केट के पास दोनों समुदायों के लोगों ने पत्थरबाजी की, जिससे दो पुलिसवाले घायल हो गए। झड़प के बाद, पुलिस ने आगे की झड़पों को रोकने के लिए शहर में और फोर्स तैनात कर दी। पुलिस ने दो केस दर्ज किए और दंगे में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।