दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसका असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक साफ देखा जा रहा है।
देशभर में मौसम एक बार फिर तेज़ी से करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले चार दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसका असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक साफ देखा जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में तेज सतही हवाएं और हल्के कोहरे की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। प्रदूषण स्तर में फिलहाल पूरी तरह सुधार नहीं हुआ है, हालांकि मौसम में बदलाव से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन लगभग 25 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में दिन में धूप के बावजूद ठंडी हवाएं ठिठुरन बढ़ा रही हैं। कोहरे के कारण यूपी और बिहार में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, ऐसे में यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड में ठंड का प्रकोप और तेज होने की संभावना है। कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो सकती है। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारण है। इन्हीं के चलते बादल, बारिश, बर्फबारी और तापमान में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले चार दिन मौसम के लिहाज़ से बेहद नाजुक रहेंगे, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की जरूरत है।