राष्ट्रीय

संदेशखाली में फिर मचा बवाल, महिलाओं ने TMC कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कपड़े फाड़ें, वीडियो वायरल

Sandeshkhali: भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्तर 24 परगना जिले में आज संदेशखाली पुलिस थाने के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने डकैती के झूठे मामले में गिरफ्तार पार्टी कार्यकर्ता की रिहाई की मांग की।

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May 12, 2024

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में रविवार को एक बार फिर से बवाल हो गया। दरअसल, यहां महिलाओं और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विरोध कर रही महिलाओं ने टीएमसी विधायक सुकुमार महतो के सहयोगी तातन गायेन और टीएमसी कार्यकर्ताओं को न सिर्फ मारा बल्कि उनके कपड़े भी फांड़ दिए। जानकारी मिलने पर पुलिस जल्द ही मौके पर पहुंच गई और दंगा नियंत्रण बल को भी बुला लिया गया। वहीं, अब इस पूरे घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।

बीजेपी नेताओं की रिहाई की मांग कर रही थी महिलाएं

दरअसल, भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्तर 24 परगना जिले में आज संदेशखाली पुलिस थाने के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने डकैती के झूठे मामले में गिरफ्तार पार्टी कार्यकर्ता की रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के स्थानीय नेताओं की छवि खराब करने के लिए वीडियो जारी किए जाने का भी विरोध किया। पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन में मौजूद भाजपा की बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र की उम्मीदवार रेखा पात्रा ने टीएमसी के कथित गुंडों की गिरफ्तारी की मांग की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के स्थानीय नेताओं की छवि खराब करने के लिए कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इसे लेकर पुलिस सक्रियता नहीं दिखा रही है। पिछले कुछ दिनों में संदेशखाली में महिलाओं के कई कथित वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें टीएमसी की ओर से साझा किया गया है।

विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पैसे देने का आरोप
शनिवार रात संदेशखाली से सामने आए वीडियो में एक स्थानीय भाजपा नेता ने बड़ा बयान दिया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि 70 से अधिक महिलाओं को स्थानीय TMC क्षत्रप शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए रुपये मिले थे। शाहजहां पर यौन शोषण और भूमि का हड़पने का आरोप है। संदेशखाली क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके समर्थकों के खिलाफ यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर फरवरी में विरोध प्रदर्शन हुए थे। यह क्षेत्र कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर सुंदरबन की सीमा पर नदी के किनारे स्थित है।

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