
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। सोमवार को गिरफ्तार चार आरोपियों की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उन्हें किला कोर्ट में पेश किया गया। सरकारी वकील ने पैसों के लेन-देन की जांच और आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने के लिए 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने चारों आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, इस हमले में दो ग्रुप शामिल थे। एक ग्रुप ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की, जबकि दूसरे ग्रुप ने वारदात से पहले रेकी की थी। जांच में सिग्नल ऐप पर हुई बातचीत, कई ऑडियो क्लिप्स और हथियारों से जुड़े निर्देशों की भी पड़ताल की जा रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल इस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने हैंडलर्स से संपर्क करने के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया था। जांच एजेंसियों को कई ऑडियो क्लिप्स भी मिली हैं, जिनसे आरोपियों के मुंबई आने के मकसद के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस का दावा है कि फायरिंग के बाद आरोपियों को वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार वापस भेजने के निर्देश दिए गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अनिल पंडित के निर्देश पर फायरिंग की थी। अब पुलिस पैसों के लेन-देन का पता लगाने के साथ आरोपियों के वॉयस सैंपल भी लेना चाहती है। इसी आधार पर सरकारी वकील ने 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक की हिरासत मंजूर की।
यह घटना 18 अक्टूबर को हुई थी। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल मैच खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी कार पर सात राउंड फायरिंग की गई। इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। फायरिंग की घटना में दो लोग घायल हुए थे। इनमें टाइगर श्रॉफ का ड्राइवर और उनके साथ चल रहा एक फैन शामिल था। गोली लगने के बाद ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने के लिए टाइगर खुद गाड़ी चलाकर गए थे।