
Tirupati Temple News: तिरुमला स्थित विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में नई डोनर पॉलिसी लागू होने से ठीक पहले दान देने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंगलवार को महज 24 घंटे के भीतर मंदिर को 96.98 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड दान मिला। यह बढ़ोतरी नई नीति लागू होने से पहले आजीवन मिलने वाली दाता सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए हुई, क्योंकि 15 जुलाई की मध्यरात्रि से नई व्यवस्था लागू हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को कुल 2,460 श्रद्धालुओं ने मंदिर को दान दिया। इनमें 1,212 लोगों ने 1 लाख से 10 लाख रुपये के बीच दान दिया, जबकि 1,246 श्रद्धालुओं ने 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का दान किया। इसके अलावा दो भक्तों ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अर्पित की।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की नई डोनर पॉलिसी 15 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू हो गई है। इसके तहत दानदाताओं को मिलने वाले विशेषाधिकारों में बड़ा बदलाव किया गया है। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब नए दानदाताओं को आजीवन सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
हालांकि, 15 जुलाई से पहले दान करने वाले पुराने दानदाताओं को पहले की तरह आजीवन सुविधाएं मिलती रहेंगी। इसी वजह से नई नीति लागू होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान किया।
नई नीति के तहत पहले की तरह अलग-अलग राशि के कई दान वर्ग नहीं होंगे। अब दानदाताओं को उनके योगदान के आधार पर चार श्रेणियों में रखा जाएगा। व्यक्तिगत दानदाताओं और संस्थाओं या ट्रस्टों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
पहले दानदाताओं को आजीवन कई विशेष सुविधाएं मिलती थीं। इनमें विशेष प्रवेश दर्शन, सुपथम प्रवेश, ब्रेक दर्शन, सुप्रभात सेवा में शामिल होने का अवसर, कल्याणोत्सव में भागीदारी, आवास सुविधा और लड्डू, रेशमी वस्त्र, सोने-चांदी के सिक्के जैसे उपहार शामिल थे।
नई व्यवस्था के तहत व्यक्तिगत दानदाताओं को मिलने वाले विशेषाधिकार 20 वर्षों तक और संस्थाओं या ट्रस्टों को 15 वर्षों तक ही मान्य रहेंगे। टीटीडी का कहना है कि इससे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे समृद्ध धार्मिक संस्थानों में गिना जाता है। इसकी अनुमानित कुल संपत्ति करीब 3.38 लाख करोड़ रुपये बताई जाती है, जो कई छोटे देशों की जीडीपी से भी अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर की हुंडी में 1,738 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा आया। यानी औसतन प्रतिदिन करीब 4.75 करोड़ रुपये का दान मिला। मौजूदा समय में मंदिर के 1,97,888 रजिस्टर्ड दानदाता हैं। इनमें करीब 1.5 लाख लोगों ने 1 लाख रुपये या उससे अधिक का दान किया है, जबकि लगभग 22,000 दानदाताओं का योगदान 10 लाख रुपये से ज्यादा है।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड का कहना है कि पिछले कुछ सैलून में बड़े दानदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। केवल 10 लाख रुपये या उससे अधिक दान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले चार महीनों में ही करीब 3,000 बढ़ी है। टीटीडी के अध्यक्ष बी.आर. नायडू के अनुसार, नई नीति का उद्देश्य दान व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता और एकरूपता लाना है। साथ ही आम श्रद्धालुओं और दानदाताओं के हितों के बीच बैलेंस बनाना भी इसका मकसद है।