
नई दिल्ली। त्रिपुरा में हिंसा ( Tripura Voilence ) पर महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के अमरावती ( Amravati ) में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) की ओर से बुलाए गए बंद के दौरान हिंसा भड़क उठी। यहां कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी को अंजाम दिया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं। फिलहाल जिले में धारा 144 लगाने का एलान कर दिया गया है।
वहीं गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने अमरावती, नांदेड़ और मालेगांव में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा, 'हम किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं। वहीं बीजेपी सांसद ने एनसीपी से इसे राजनीतिक रंग ना देने की बात कही।
दरअसल बीजेपी ने यह बंद शुक्रवार को हुई घटना के खिलाफ बुलाया था। पिछले महीने त्रिपुरा में हुई हिंसा के खिलाफ महाराष्ट्र के अमरावती में शुक्रवार को कुछ मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने दुकानों पर पथराव कर दिया था, जिसके बाद इलाके के कई हिस्सों में तनाव फैल गया।
अमरावती में सुबह से ही माहौल खराब नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया बढ़ते उपद्रव के बीच धारा 144 लागू कर दी गई। वहीं 3000 से ज्यादा पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। सीआरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया है।
बढ़ते बवाल के बीच गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने अमरावती, नांदेड़ और मालेगांव में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा, 'हम किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं। मैंने देवेंद्र फड़णवीस और अमरावती के सांसद से बात कर शांति और सामाजिक सौहार्द्र स्थापित करने में मदद की अपील की थी। हम स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'
वहीं अमरावती से बीजेपी सांसद नवनीत राणा ने वीडियो के जरिए लोगों से अपील करते हुए कहा, 'अमरावती में जो कुछ हुआ, उसकी निंदा करते हैं। मैं नागरिकों और नेताओं से अपील करती हूं कि शांति और सौहार्द्र बनाए रखें।
इस दौरान उन्होंने कहा कि 'मैं विपक्षी पार्टी के मंत्री से इसे राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील करती हूं।'
नवाब मलिक ने की निंदा
हम कल की हिंसा (अमरावती, नांदेड़ और मालेगांव में रैलियों में) की निंदा करते हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने इन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया है, उन पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थी कि विरोध शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाए।
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बता दें कि हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों के विरोध में त्रिपुरा में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। आरोप हैं कि इन प्रदर्शनों के दौरान मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद त्रिपुरा में बड़े स्तर पर सांप्रयादिक हिंसा देखने को मिली। महाराष्ट्र के अमरावती समेत तमाम शहरों में भी इसी हिंसा के विरोध में प्रदर्शन हुए।