Unique case: मुंबई की एक सत्र अदालत ने एक सैलून की वित्त प्रबंधक कीर्ति व्यास की हत्या के मामले में दो सहयोगियों सिद्धेश शांताराम ताम्हणकर और खुशी सजवानी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
Unique case: महाराष्ट्र में मुंबई की एक सत्र अदालत ने मंगलवार को एक सैलून की वित्त प्रबंधक कीर्ति व्यास की हत्या के मामले में दो सहयोगियों सिद्धेश शांताराम ताम्हणकर और खुशी सजवानी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। खास बात यह है कि इस मामले में आज तक मृतक महिला का शव नहीं मिला है। पुलिस ने महज खून की एक बूंद से हत्याकांड का खुलासा किया था। कीर्ति व्यास और दोनों आरोपी बी ब्लंट नाम के सैलून में काम करते थे। बताया जाता है कि सिद्धेश ताम्हानकर ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसकी वजह से कीर्ति ने उसे हटाने के लिए एक महीने का नोटिस दिया था।
इससे नाराज सिद्धेश और खुशी ने कीर्ति को मारने का प्लान बनाया। खुशी सिद्धेश की गर्लफ्रेंड थी। 16 मार्च, 2018 को कीर्ति लापता हो होने पर घर वालों ने शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान किसी को शक ना हो इसलिए दोनों आरोपी सिद्धेश और खुशी भी उसे ढूंढने का नाटक करने लगे। पुलिस को सीसीटीवी से पता चला कि जिस दिन कीर्ति गायब हुई उस दिन उसके घर के पास सिद्धेश खड़ा था।
घटना के चार माह बाद पुलिस को खुशी के गाड़ी की डिक्की से खून की एक बूंद मिली। इसका डीएनए टेस्ट किया तो यह कीर्ति के माता-पिता के डीएनए से मैच कर गया। इस पर सिद्धेश और खुशी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया कि सिद्धेश और खुशी ने कीर्ति की अपहरण के बाद गाड़ी में गला घोंटकर हत्या कर दी थी और शव वडाला की खाड़ी में फेंक दिया था। यह शव आज तक नहीं मिला है।