
UP Election: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के नियुक्त किए नए प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम ने बराबर संख्या की सीटों पर चुनाव लड़ने का बयान देकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर दबाव बढ़ा दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अपने सहयोगी दलों से सीट बंटवारे की मशक्कत कर रही है। वहीं विपक्षी इंडिया ब्लॉक में शामिल सपा और कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर औपचारिक बातचीत भी नहीं हुई है। साथ ही नेताओं के बयानों से सियासी दूरियां तक बढ़ने की आशंका दिख रही है। कांग्रेस ने दलित नेता राजेन्द्र पाल गौतम को प्रभारी नियुक्त कर बड़ा दाव खेला है। अब गौतम ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वे चाहेंगे कि गठबंधन में दोनों पार्टियों की बराबर-बराबर हिस्सेदारी हो। जब बातचीत होगी, तब यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा। वे अधिकृत नहीं है कि पहले ही घोषणा कर दें, लेकिन हमारी बराबर की हिस्सेदारी की बात रहेगी। वहीं बसपा प्रमुख मायावती को लेकर गौतम ने कहा कि जो लोग बहुजन समाज के मुद्दों पर काम करना चाहते हैं। संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले इस दमनकारी, मनुवादी सरकार के खिलाफ एकजुट होने के लिए सबका स्वागत है। मायावती हमारे समाज की बड़ी नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं। वो मजबूत नेता रही हैं, पता नहीं उनकी क्या मजबूरी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए कांग्रेस आगामी चुनाव में करीब 150 सीटों पर दावा पेश करने की तैयारी में है। हालांकि, समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 70 से 80 सीटों से अधिक देने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस का तर्क है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में, जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब गठबंधन के तहत उसे 105 सीटें मिली थीं। पार्टी का यह भी कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए इस बार सीटों की संख्या बढ़नी चाहिए। इसी आधार पर कांग्रेस अधिक सीटों की मांग करने की रणनीति बना रही है।