UPI in Four Countries: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2028-29 तक यूपीआई को 20 देशों में पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की सब्सिडियरी एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
UPI in Four Countries: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) ने सोमवार को कहा कि उसने चार आसियान देशों के साथ प्रोजेक्ट नेक्सस ज्वाइन किया है। इसके तहत क्रॉस-बॉर्डर रिटेल पेमेंट के इंस्टेंट सेटलमेंट के लिए प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। RBI ने अपने बयान में कहा कि बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के इनोवेशन हब द्वारा परिकल्पित नेक्सस का उद्देश्य भारत के यूपीआई (UPI) को आसियान सदस्यों - मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड की तेज भुगतान प्रणालियों से जोड़ना है।
केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में आगे कहा कि बीआईएस और इन चार देशों के केंद्रीय बैंक - बैंक नेगारा मलेशिया (BNM), बैंक ऑफ थाईलैंड (BOT), बैंगको सेंट्रल एनजी पिलिपिनास (BSP), मौद्रिक प्राधिकरण सिंगापुर (MAS), और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 30 जून, 2024 को स्विट्जरलैंड के बेसल में एग्रीमेंट साइन किया गया।
इंडोनेशिया, जो कि शुरुआती चरण से जुड़ा हुआ है, स्पेशल ऑब्जर्वर के रूप में अपनी भूमिका निभाएगा। आरबीआई ने अपने बयान में कहा कि आने वाले समय में इस प्लेटफार्म को कई और देशों तक बढ़ाया जा सकता है। इसे 2026 तक लाइव किया जाएगा। नेक्सस रिटेल क्रॉस बॉर्डर में पेमेंट में बड़ी भूमिका निभाएगा। इससे भुगतान तेज और कम लागत पर किया जा सकेगा।