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भारत को अमरीका देगा Anti-Submarine सोनोबॉय, जानिए कितना खतरनाक है Sonobuoy ?

Anti Submarine Warfare Sonobuoys : अमरीका के रक्षा विभाग के मुताबिक अमरीकी विदेश मंत्री ने विदेशी रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। इसके तहत भारत सरकार को एंटी सबमरीन हथियार सोनोबॉय और उससे संबंधित उपकरणों की बिक्री की जा सकेगी।

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भारत की समुद्र में ताकत और बढ़ेगी। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अमरीका के दौरे के बीच दोनों देशों के बीच एक अहम रक्षा सौदा हुआ है। इसके तहत अमरीका भारत को एंटी सबमरीन सोनोबॉय देगा। यह सौदा करीब 5.28 करोड़ डॉलर से ज्यादा का है। अमरीका के रक्षा विभाग के मुताबिक अमरीकी विदेश मंत्री ने विदेशी रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। इसके तहत भारत सरकार को एंटी सबमरीन हथियार सोनोबॉय और उससे संबंधित उपकरणों की बिक्री की जा सकेगी। राजनाथ सिंह ने अमरीका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से भी मुलाकात की। इस दौरान जेट इंजन, अनमैन्ड प्लेटफॉर्म, आधुनिक हथियार, ग्राउंड मॉबिलिटी सिस्टम आदि के सह-उत्पादन को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ी।

चीन पर नकेल

चीन हाल में अपनी सबसे आधुनिक सबमरीन को सेना में शामिल किया है। चीन के पास 48 डीजल इलेक्ट्रिक सबमरीन हैं। चीन पर इनकी मदद से हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में जासूसी करने का आरोप हैं। भारत अमरीका के बीच हुए इस एंटी सबमरीन समझौते से चीन पर नकेल कसी जा सकेगी।

क्या है सोनोबॉय?

सोनोबॉय एक बहुत ही अत्याधुनिक पोर्टेबल सोनार सिस्टम है। इसे दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए विमान, हेलिकॉप्टर या युद्धपोत से पानी में डाला जाता है। यह एक्टिव, पैसिव और स्पेशल पर्पस सोनोबॉय होते हैं। यह पनडुब्बी की ताकत को कई गुना बढ़ा देता है। दुश्मन की पनडुब्बी इससे छिप नहीं पाती है।

Updated on:
25 Aug 2024 06:21 pm
Published on:
25 Aug 2024 08:06 am
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