उत्तराखंड में 48 घंटे से हो रही बारिश के चलते अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
नई दिल्ली। भारत के कई राज्यों में इन दिनों भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। केरल और उत्तराखंड में बारिश के चलते अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि उत्तराखंड में बीते 48 घंटे से बारिश आफत बनकर बरस रही है। इससे अलग-अलग इलाकों में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इस दौरान बारिश के पानी और खतरनाक इलाकों में फंसे कई लोगों को बचाया भी गया है, वही बारिश के चलते चारधाम की यात्रा ठप हो गई है। बता दें कि राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं नुकसान होने पर एक लाख की मदद देने की बात कही है।
नैनीताल में 9 मकान जमींदोज
राज्य में हो रही बारिश के चलते नदी और नालों ने रौद्र रूप ले लिया है। नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक के एक गांव में मकान जमींदोज होने से 9 लोगों की मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया गया कि धारी तहसील के चौखुटा गांव में भूस्खलन की जद में आए मकान एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई। इसके साथ ही रास्ते बंद होने के कारण प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर नहीं पहुंच पा रही है।
रामनगर में फंसे 100 लोग
अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश और भूस्खलन के चलते कई इलाकों में लोग फंसे हुए हैं और इन्हें रेस्क्यू करने में परेशानी हो रही है। रामनगर के एक रिजॉर्ट में पानी घुसने से फंसे करीब सौ व्यक्तियों का रेस्क्यू कर लिया गया है। भीमताल में भी मकान ढहने से एक बच्चा मलबे में दब गया। इसके साथ ही चंपावत के तिलवाड़ा गांव में घर में मलबा घुसने से दो की मौत की जानकारी मिली है।
बता दे कि बारिश के चलते नैनीताल के हल्द्वानी, कालाढूंगी और भवाली तीनों मार्ग कल रात से ही बंद हो गए हैं। इससे शहर का देश और दुनिया से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इसके साथ ही पुलिस ने संबंधित विभागों को सूचित करने के साथ ही राहत कार्य शुरू कर दिया है। बावजूद इसके लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्य मे भी खतरा बना हुआ है। इसके चलते तीनों मार्गों में लोगों की आवाजाही भी पूरी तरह से रोक दी गई है। इसके साथ ही स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।