
Vande Bharat Train New Route: पीएम नरेंद्र मोदी अपने कई भाषणों में कह चुके हैं कि अपने तीसरे कार्यकाल में वो वंदे भारत ट्रेन को देश के हर कोने से जोड़ने के लिए बड़े कदम उठाएंगे। 4 जून को पता चल जाएगा कि देश में किस पार्टी की सरकार बनेगी और पीएम कौन होगा? लेकिन इससे पहले यात्रियों के लिए खुशखबरी है कि भारतीय रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की नई सेवा शुरू करने जा रहा है। इस वजह से 200 किलोमीटर का सफर सिर्फ 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। रेलवे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर 160 किमी/घंटा की रफ्तार से नई वंदे भारत फर्राटा भरेगी। जहां अन्य ट्रेनें इस रूट को 2 से 4 घंटे में तय करती हैं, वहीं यह नई वंदे भारत 200 किमी की दूरी सिर्फ 1.3 घंटे यानी 90 मिनट में तय करने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के तारीखों के ऐलान से ठीक पहले अहमदाबाद-मुंबई मध्य, सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम, मैसूरु-डॉ एमजीआर मध्य (चेन्नई), पटना-लखनऊ, न्यू जलपाईगुड़ी-पटना, पुरी-विशाखापत्तनम, लखनऊ-देहरादून, कलबुर्गी - सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु, रांची-वाराणसी औरखजुराहो- दिल्ली (निजामुद्दीन) के बीच 10 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।
रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और सीईओ जया वर्मा सिन्हा ने नई ट्रेन के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह ट्रेन 16 कोच वाली होगी। उन्होंने यह बताया कि वंदे भारत की यह नई सेवा राजधानी दिल्ली से आगरा के लिए शुरू की जाएगी। नई दिल्ली पहुंचने से पहले यह आगरा और लखनऊ स्टेशनों से होकर गुजरेगी। जया वर्मा सिन्हा ने यह भी कहा कि इस ट्रेन का ट्रायल जुलाई में रेलखंड पर किया जायेगा। अन्य वंदे भारत ट्रेनों की तरह ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस रूट पर भी ट्रेन सुबह ही अपना सफर शुरू कर सकती है।
भारतीय रेलवे वर्तमान में 150 से 200 किलोमीटर की दूरी वाले शहरों के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने की योजना बना रहा है। पिछले सप्ताह पलवल से वृन्दावन के बीच ट्रेन के आर्मर सिस्टम का भी परीक्षण किया गया था। जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन को 8 कोचों के साथ 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर परीक्षण किया गया।
वंदे भारत ट्रेन की कवच प्रणाली के परीक्षण के बारे में जया वर्मा सिन्हा ने कहा कि यह परीक्षण सफल रहा। इस प्रणाली की मदद से ट्रेन लाल सिग्नल पर स्वतः ही रुक जाती है। लोको पायलट के हस्तक्षेप के बिना कवच प्रणाली ने ट्रेन की गति को नियंत्रित किया। इस सफल परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश में वंदे भारत मेट्रो ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।