
Vande Mataram Controversy: 'वंदे मातरम्' को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुककी पत्नी गीतांजलि अंगमो के बयान ने बहस को और तेज कर दिया है। गीतांजलि अंगमो ने सवाल उठाया था कि अगर वंदे मातरम् के बाद के छंदों में हिंदू देवी-देवताओं का जिक्र है, तो दूसरे धर्मों के लोग इसे कैसे गा सकते हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि अगर कोई हिंदू सूफी कविता गाए तो क्या उसका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा। गीतांजलि अंगमो के इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि गजलों में रोमांटिक शेर होते हैं और उनमें किसी की पूजा या वंदना नहीं होती। उन्होंने गीतांजलि अंगमो की दलील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गजल और वंदे मातरम् की तुलना करना गलत जानकारी पर आधारित है। उन्होंने कहा, "आप रोमांटिक शेरों की तुलना देवी-देवताओं की पूजा से कर रहे हैं।" मौलाना रशीदी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण, खेदजनक और आपत्तिजनक बताया।
मौलाना रशीदी ने कहा कि मुसलमान वंदे मातरम् नहीं गा सकते, क्योंकि यह उनके धर्म के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर सोनम वांगचुक की पत्नी ही नहीं, बल्कि देश के राष्ट्रपति भी मुसलमानों से इसे गाने के लिए कहें, तब भी वे इसे नहीं गाएंगे। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई चीज किसी व्यक्ति के धर्म के खिलाफ है, तो उसे गाना है या नहीं, यह उसकी अपनी मर्जी है।
वहीं, आम आदमी पार्टी की नेता प्रियंका कक्कड़ ने इस मामले पर कहा कि अब यह कानून बन चुका है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का नागरिक होने के नाते हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह भारत के कानूनों का पालन करे। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि उन्हें लगता है कि विवाद यहीं खत्म होना चाहिए और सभी भारतीयों को राष्ट्रगान और अपने राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान रखना चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने गीतांजलि अंगमो के तर्क का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् में मां दुर्गा का जिक्र साहस और दुश्मनों के संहार के प्रतीक के तौर पर किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इस बात को देखने के बजाय कि इसमें हिंदू देवी-देवताओं का जिक्र है, यह देखना चाहिए कि उनके जिक्र का उद्देश्य और संदर्भ क्या है।
आरपी सिंह ने कहा कि मां दुर्गा का नाम साहस और दुश्मनों के संहार के संदर्भ में आता है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने देश को आजादी दिलाई और आज कांग्रेस और मुस्लिम लीग उसी गाने से भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् गाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए और इसके पीछे के प्रयोजन को भी समझना चाहिए।