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‘हम छात्रों की A टीम हैं’, B टीम के आरोपों पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का पलटवार

CJP B Team Allegations: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कांग्रेस और AAP की ‘B टीम’ होने के आरोपों को खारिज करते हुए खुद को छात्रों की ‘A टीम’ बताया। उन्होंने शिक्षा सुधार को गैर-राजनीतिक मुद्दा बताया...
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भारत

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Ashib Khan

Sep 03, 2026

CJP B Team Allegations

अभिजीत दीपके ने सीजेपी के B टीम होने के आरोपों का दिया जवाब (Photo-IANS)

CJP Abhijeet Dipke:कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संगठन को कांग्रेस या आम आदमी पार्टी (AAP) की ‘B टीम’ बताए जाने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दे हैं। दीपके ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दल उन पर किसी न किसी पार्टी की ‘B टीम’ होने का आरोप लगा रहे हैं।

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि पहले सभी राजनीतिक दल आपस में बैठकर यह तय कर लें कि आखिर वह किसकी ‘B टीम’ हैं।

दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की B टीम हूं और कुछ लोग कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की B टीम हूं। मुझे लगता है कि इन सभी लोगों को साथ बैठकर तय करना चाहिए कि मैं किसकी B टीम हूं। हमारे हिसाब से हम छात्रों की A टीम हैं।

‘स्कूल सुधार किसी एक संगठन का मुद्दा नहीं’

सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने से जुड़े अभियान पर दीपके ने कहा कि इसे किसी एक राजनीतिक संगठन की पहल के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सुधार बच्चों और देश के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए जो भी व्यक्ति शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के पक्ष में है, उसे इस अभियान का समर्थन करना चाहिए।

दीपके ने यह भी कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि शिवसेना और महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े नेता भी काम कर रहे हैं। ऐसे में किसी एक संगठन के शिक्षा संबंधी अभियान पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

‘सार्वजनिक जीवन में लोगों की डिग्री पर सवाल उठना चाहिए’

CJP नेता अभिजीत दीपके ने सार्वजनिक जीवन में मौजूद लोगों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने वाले और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की डिग्री तथा शैक्षणिक योग्यताएं सार्वजनिक जांच के दायरे में होनी चाहिए।

दीपके ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति की डिग्री पर सवाल उठाए जा सकते हैं और उस व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपनी डिग्री और शैक्षणिक योग्यता को सार्वजनिक रखे। खास तौर पर चुनाव लड़ने वाले और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की यह जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी साधा निशाना

अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब उनकी खुद की डिग्री को लेकर सवाल किए जा रहे हैं, तो सार्वजनिक जीवन में मौजूद अन्य लोगों की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।

दीपके ने कहा- हमारे प्रधानमंत्री पिछले 12 वर्षों से अपनी डिग्री सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, जबकि वह एक संवैधानिक पद पर हैं। इसलिए जो लोग मेरी डिग्री के बारे में सवाल पूछ रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वे प्रधानमंत्री से भी उनकी डिग्री के बारे में सवाल पूछें।