बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट में दोपहर के समय टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच तब झड़प हो गई जब बीजेपी उम्मीदवार दिलीप घोष मतदान केंद्र पर गड़बड़ी होने की शिकायत मिलने के बाद एक चुनाव बूथ पर जा रहे थे।
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। बीरभूम और बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्रों के कई इलाकों में टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की खबर है। बता दें कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने ईवीएम में खराबी और एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोकने के आरोप में हजार से ऊपर शिकायतें दर्ज कराई। इसी बीच बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट में दोपहर के समय टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच तब झड़प हो गई जब बीजेपी उम्मीदवार दिलीप घोष मतदान केंद्र पर गड़बड़ी होने की शिकायत मिलने के बाद एक चुनाव बूथ पर जा रहे थे। आरोप है कि टीएमसी समर्थकों ने बीजेपी उम्मीदवार के काफिले को रोक दिया और उनके वाहन के सामने प्रदर्शन करने लगे और पथराव भी किया। इस वजह से काफिले के पीछे चल रहे सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियां टूट गई।
इस मामले पर बीजेपी उम्मीदवार घोष ने पत्रकारों से कहा, ''पुलिस सिर्फ मूकदर्शक बनी हुई है। टीएमसी ने आतंक फैला रखा है। सुबह से ही टीएमसी के गुंडे हमारे मतदान एजेंटों के साथ मारपीट कर रहे हैं और वे मतदान को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से नहीं होने दे रहे।" तृणमूल कांग्रेस ने घोष के दावों पर पलटवार करते हुए कहा, "हार को भांपते हुए माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता बीजेपी को पूरी तरह नकार चुकी है।''