उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में आंधी और बारिश जारी है। 2 अप्रैल से नया विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे अप्रैल के पहले सप्ताह तक तापमान में बढ़ोतरी नहीं होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
Weather Update: उत्तर-पश्चिम भारत में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के संयुक्त प्रभाव के कारण कई राज्यों में आंधी और बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार यह गतिविधि विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 31 मार्च तक बनी रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। ये सभी मौसम में बदलाव का इशारा कर रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर भारत के मौसम में ठंडक बनी हुई है। सामान्यतः इस समय तक तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार बार-बार आने वाले विक्षोभ और बदलते वायुदाब के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को समय से पहले पड़ने वाली गर्मी से राहत मिली है, जो आमतौर पर मार्च के अंतिम दिनों में महसूस होने लगती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 2 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से अप्रैल के पहले सप्ताह में भी कई राज्यों में बादल छाए रहने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। इसका सीधा असर तापमान पर भी पड़ेगा और तापमान में सामान्य वृद्धि फिलहाल टल सकती है। अब देखना होगा कि मौसम किस करवट बैठती है।
इस बदले हुए मौसम का असर किसानों और आम जनजीवन पर भी देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर बारिश से फसलों को कुछ हद तक फायदा मिल सकता है, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ की लगातार सक्रियता के कारण उत्तर भारत में अप्रैल की शुरुआत भी सुहावनी और ठंडी रहने वाली है। फिलहाल लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे मौसम काफी संतुलित और आरामदायक बना रहेगा।