
Hanuman Jayanti(AI Image-ChatGpt)
Hanuman Jayanti: चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर मनाए जाने वाले हनुमान जन्मोत्सव को लेकर इस बार श्रद्धालुओं के बीच थोड़ी उलझन देखने को मिली। वजह रही तिथि का दो दिनों तक पड़ना। ऐसे में लोग असमंजस में थे कि आखिर सही दिन कौन-सा है, 1 अप्रैल या 2 अप्रैल। लेकिन अब ज्योतिषाचार्यों और पंचांगों की राय सामने आने के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। दरअसल, इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा की शुरुआत 1 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से हो रही है और इसका समापन 2 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा। यही कारण है कि पूर्णिमा तिथि दो दिन तक बनी रहने से भ्रम की स्थिति पैदा हुई। कई लोगों ने 1 अप्रैल को ही पर्व मनाने की तैयारी कर ली थी, जबकि कुछ लोग 2 अप्रैल को सही मान रहे थे।
ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि सनातन परंपरा में “उदयातिथि” यानी सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही होती है, उसे ही मुख्य माना जाता है। इसी नियम के आधार पर देखा जाए तो 2 अप्रैल की सुबह सूर्योदय के समय पूर्णिमा विद्यमान रहेगी। इसलिए शास्त्रों के अनुसार हनुमान जयंती इसी दिन मनाना उचित और सर्वमान्य माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, 1 अप्रैल को पूर्णिमा सूर्योदय के बाद शुरू होती है, इसलिए उस दिन को पर्व के लिए प्राथमिकता नहीं दी जाती। यही वजह है कि देशभर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी 2 अप्रैल को ही विशेष पूजा, अनुष्ठान और आयोजन किए जाएंगे।
इस बार हनुमान जयंती का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन विशेष ज्योतिषीय योग बन रहे हैं। बताया जा रहा है कि ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का संयोग रहेगा, जो पूरे दिन को और भी शुभ बना देगा। ध्रुव योग सूर्योदय से लेकर दोपहर लगभग 2 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जबकि हस्त नक्षत्र पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है। ऐसे शुभ संयोग में व्रत, पूजा-पाठ और हनुमान जी की आराधना का खास महत्व होता है। भक्त इस दिन मंदिरों में जाकर दर्शन करेंगे, हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे और प्रसाद चढ़ाएंगे। कुल मिलाकर अब स्थिति स्पष्ट है कि इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को ही मनाई जाएगी। श्रद्धालु भी अब उसी दिन के अनुसार अपनी तैयारियां कर रहे हैं और उत्साह के साथ इस पर्व का इंतजार कर रहे हैं।
Published on:
30 Mar 2026 05:16 am
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