Omar Abdullah on Mamata Banerjee and exit polls: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम सुरक्षा और स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। चुनावी माहौल में बढ़ते तनाव के बीच रिकॉर्ड मतदान और एग्जिट पोल के दावों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
Omar Abdullah on West Bengal Assembly election: उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को एग्जिट पोल की विश्वसनीयता को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इनमें अकसर वास्तविक नतीजों के विपरीत अनुमान लगाए जाते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी कई एग्जिट पोल भाजपा की जीत का अनुमान लगा चुके थे, लेकिन परिणाम बिल्कुल अलग रहे। श्रीनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अकसर एग्जिट पोल के विपरीत होते हैं और इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'अब तक कौन सा एग्जिट पोल पूरी तरह सही साबित हुआ है?' उन्होंने दावा किया कि कई सर्वे एजेंसियों ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन नतीजे उसके उलट आए।
उमर अब्दुल्ला ने ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद ईवीएम की सुरक्षा बेहद जरूरी है और पहले बैलेट पेपर के समय भी राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधि तैनात करते थे। उन्होंने कहा कि वे चुनाव पूर्व धांधली के विचार में विश्वास नहीं रखते, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कोलकाता के भबानीपुर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह की ईवीएम छेड़छाड़ को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है और चुनावी प्रक्रिया पर नजर रख रही है।भबानीपुर सीट पर भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग के रवैये में पक्षपात दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के एजेंट के साथ भी गलत व्यवहार किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बयान जारी करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि बंगाल किसी भी बाहरी राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगा और हर कथित अनियमितता का जवाब दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। दूसरे चरण में 91.66% मतदान हुआ, जबकि पहले चरण में 93.19% वोटिंग दर्ज की गई थी। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 92.47% रहा, जो अब तक का सबसे अधिक है। महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक रही।