ममता बनर्जी की सरकार ने ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत 21–40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की घोषणा की है।
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार की नई योजना ‘बांग्लार युवा साथी’ इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को अगले पांच वर्षों तक हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 15 फरवरी से इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और राज्यभर में युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
‘बांग्लार युवा साथी’ पश्चिम बंगाल सरकार की नई कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहारा देना है। सरकार का मानना है कि मासिक सहायता मिलने से युवा कम वेतन वाली अस्थायी नौकरियों में जाने के बजाय बेहतर रोजगार की तलाश या कौशल प्रशिक्षण जारी रख सकेंगे। इस योजना के तहत पात्र युवाओं को हर महीने 1500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। यह सहायता अधिकतम पांच साल या रोजगार मिलने तक दी जाएगी।
राज्य सरकार ने 15 से 26 फरवरी तक सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन शिविर लगाने का निर्णय लिया है। इन शिविरों में युवा आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही ‘स्वनिर्भर बांग्ला’ अभियान के अंतर्गत लक्ष्मी भंडार और कृषि श्रमिक सहायता योजनाओं के लिए भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
सरकार ने घोषणा की है कि योजना के तहत पहली किस्त का वितरण 1 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। पहले इसकी तारीख 15 अगस्त तय की गई थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। बताया जा रहा है कि राज्य में करीब 27 से 28 लाख युवा इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जो युवा अभी पढ़ाई कर रहे हैं या रोजगार की तलाश में हैं, उनके लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो सकती है। बढ़ती महंगाई और रोजगार की चुनौतियों के बीच 1500 रुपये की मासिक सहायता युवाओं के लिए आर्थिक संबल बन सकती है।