West Bengal Election: बसंती बाजार में चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा ने बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है। बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने टीएमसी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच हिंसा की घटनाएं नई बात नहीं हैं। पिछले कई चुनावों में राजनीतिक टकराव और झड़पें चर्चा का विषय रही हैं। इसी क्रम में दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है, जिसे लेकर बीजेपी ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब (Biplab Kumar Deb) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे संगठित हमला बताया है और इसके लिए ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। देब ने कहा कि ममता की सरकार में गुंडे और जिहादी पैदा हुए है।
जानकारी के मुताबिक यह घटना बसंती विधानसभा क्षेत्र के बसंती बाजार में बीजेपी उम्मीदवार के प्रचार के दौरान हुई थी। इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर बड़ी संख्या में हमलावरों ने हमला किया। भाजपा का आरोप है कि हमले के पीछे संगठित तत्व शामिल थे और जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन पर भी हमला किया गया। इस घटना को लेकर पार्टी ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को शिकायत दी है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि राज्य में हिंसा का माहौल बनाया गया है। हालांकि इस मामले में टीएमसी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है। बीजेपी नेता दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। इस वीडियो में कथित तौर पर हमला होता दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी उम्मीदवार और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया।
घोष ने अपने बयान में इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और कहा कि यह हिंसा सत्ता खोने के डर का परिणाम है। उन्होंने जनता से आगामी चुनाव में बदलाव के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। घटना के बाद बसंती बाजार इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी नई झड़प को रोका जा सके। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं और मतदाताओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकती हैं।