पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी में लापरवाही पर EC ने 7 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी और कदाचार के प्रमाण मिलने के बाद सख्त कार्रवाई की गई।
चुनावी प्रक्रिया में लापरवाही के आरोपों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के सात अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर (SIR) शक्तियों के दुरुपयोग, कर्तव्य की अवहेलना और चुनावी कानूनों के उल्लंघन के ठोस प्रमाण मिलने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि संबंधित कैडर नियंत्रण प्राधिकरण इन अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपें।
डॉ. सफी उर्रहमान – एईआरओ, समसेरगंज, मुर्शिदाबाद
नीतीश दास – एईआरओ, फरक्का
डालिया रे चौधरी – मैनागुड़ी
एसके मुर्शिद आलम – सूती ब्लॉक
सत्यजीत दास – एआरओ, कैनिंग पुरबो निर्वाचन क्षेत्र
जॉयदीप कुंडू – एआरओ, दक्षिण 24 परगना
देबाशीष बिस्वास – संयुक्त बीडीओ एवं एआरओ, डेबरा विधानसभा क्षेत्र
निर्वाचन आयोग को इन अधिकारियों के खिलाफ भारी लापरवाही, चुनावी नियमों की अनदेखी और एसआईआर प्रक्रिया में मनमानी से जुड़े प्रमाणित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। विस्तृत जांच के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके चलते आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की संबंधित धाराओं के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई या शक्ति के दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य में निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है। निर्वाचन आयोग का यह कदम दर्शाता है कि चुनावी कर्तव्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।