West Bengal Election: पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान हुगली में TMC और ISF समर्थकों के बीच झड़प और छपरा में BJP एजेंट पर हमला हुआ। लगातार हिंसा की घटनाओं से चुनावी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में आज 142 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। वोटिंग की शुरुआत के साथ ही राज्य से तनाव बढ़ाने वाली खबरे लगातार सामने आ रही है। कहीं में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प तो कहीं समर्थकों के बीच लड़ाई होने के चलते राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसी कड़ी में अब हुगली जिले के खानकुल से बड़ी खबर सामने आई है। यहां बूथ पर नकली पोलिंग एजेंट बैठाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई।
जानकारी के मुताबिक यह घटना राजहाटी-1 पंचायत के रामचंद्रपुर में बूथ नंबर 147 पर हुई है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें दोनों दलों के समर्थक एक दूसरे पर हमला करते हुए नजर आ रहे है। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी लगातार दोनों दलों को अलग करते हुए लगातार लड़ाई सुलझाने की कोशिश करते दिख रहे है, लेकिन उनकी कोशिशों के बावजूद लोग एक दूसरे को धमकी देते और मारपीट करते नजर आ रहे है।
दूसरी ओर, छपरा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक पोलिंग एजेंट पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। बीजेपी एजेंट का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बूथ के पास घेरकर पीटा, जिससे वह घायल हो गए। BJP ने इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को डराने और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष झूठा माहौल बना रहा है। इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से चुनावी माहौल और अधिक गरमाता जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार काफी हाई वोल्टेज मुकाबला बन गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जबकि अन्य दल भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, लगातार हो रही हिंसा की घटनाएं चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। चुनाव आयोग (ECI) और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन जमीन पर तनाव कम होता नहीं दिख रहा। कई जगहों पर वोटरों में डर का माहौल भी देखा गया है।