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‘रोड पर कोई कार्यक्रम नहीं चलेगा, बकरीद की नमाज पर बोले पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष

Bakrid 2026: पूरे देश में आज बकरीद मनाई जा रही है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है।
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May 28, 2026
West Bengal Minister Dilip Ghosh on says on Eid Ul Adha.
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष (Photo- IANS)

Eid-ul-Adha 2026: आज पूरे देश में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। ऐसे में बकरीद के जश्न के दौरान ट्रैफिक के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'त्योहार मनाने का अधिकार सभी को है, लेकिन इससे दूसरों की रोजमर्रा की जिंदगी में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। हमारी सरकार ने यह तय किया है कि कोई भी व्यक्ति जश्न मनाने के लिए जगह की मांग करते हुए पुलिस से अपील कर सकता है, और पुलिस ही यह तय करेगी कि यह कब और कहां आयोजित किया जाएगा। इस ईद के लिए, ब्रिगेड ग्राउंड आवंटित किया गया है; यह एक बहुत बड़ी जगह है, आप वहां जश्न मनाएं, लेकिन सड़कों पर किसी भी तरह के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।'

इस दौरान बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर पर भी उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'विदेशियों को यहां बुलाया गया, उन्हें सरकारी सुविधाएं दी गईं और उन्हें भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र भी दिए गए। लेकिन हमारी सरकार ने अब यह तय किया है कि किसी भी विदेशी को न तो कोई सरकारी सुविधा दी जाएगी और न ही उन्हें यहां रहने की अनुमति होगी… हमें उम्मीद है कि जो लोग यहां अवैध रूप से आए हैं, वे अब अपने-अपने देश लौट जाएंगे। उन्हें मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं अब बंद कर दी जाएंगी… TMC ने अवैध बांग्लादेशियों के लिए जाली दस्तावेज बनवाए थे; अब उन सभी को वापस अपने देश लौटना ही होगा…'

तमिलनाडु में गाय-बछड़ों की कुर्बानी नहींः मद्रास हाई कोर्ट

बकरीद से एक दिन पूर्व मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि राज्य में ईद-उल-अजहा या किसी अन्य दिन गाय और बछड़ों की कुर्बानी नहीं दी जाए। इसके लिए जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायण की बेंच ने कहा कि गाय भारत में पूजनीय मानी जाती है, संविधान सभा की बहस में यह कहा गया था। भगवान श्रीकृष्ण के समय से हमारी संस्कृति का हिस्सा रही। गो-हत्या पर कई मुस्लिम शासकों ने भी रोक लगाई थी। गो संरक्षण को महात्मा गांधी जी भी बहुत मानते थे।

राज्य को निर्देश देते समय कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 48 का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार को गाय, बछड़ों और दुधारू-पशुओं की सुरक्षा में कदम उठाने का निर्देश देता है। इसी दौरान तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट 1958 का भी जिक्र किया गया।

Updated on:
28 May 2026 09:51 am
Published on:
28 May 2026 09:29 am