Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस टूटने वाली है। सूत्रों के अनुसार एक दर्जन से ज्यादा विधायक बीजेपी के संपर्क में बताए जा रहे है।
West Bengal Political Crisis 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करार हार के बार ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बंगाल में 15 साल के बाद सत्ता से बेदखल होने के बाद जांच एजेंसियां ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के पीछे लगी हुई है। अब खबर आ रही है कि ममता बनर्जी की पार्टी टूटने की करार पर पहुंच गई है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक कुछ सामने नहीं आया है। अटकलों का बाजार गर्म है। सूत्रों के अनुसार, एक दर्जन से ज्यादा टीएमसी सांसद जल्द भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते है।
एक रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा कि 12 टीएमसी सांसद बीजेपी में शामिल होने या समर्थन देने के लिए तैयार है। कहा जा रहा है कि कुछ सांसद बदल बदलने का विचार कर रहे है। आने वाले दिनों में 5 से 6 सांसद भगवा पार्टी का थामन थाम सकते है। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि कौन से सांसद है और कम बीजेपी में आएंगे। रिपोर्ट में बताया गया है कि 12 से ज्यादा सांसदों से बातचीत चल रही है। हालांकि यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
विधानसभा में मिली हार के बाद 20 मई को पहली बार टीएमसी ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में टीएमसी के विधायक नदारद थे। इसके अगले दिन पार्टी के आंतरिक मर्थन के बाद सामने आया कि कथित तौर पर जनता से जुड़ने के लिए सड़क पर उतरने की राजनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी। मीडियाई रिपोर्ट के अनुसार, 80 विधायकों में से केवल 35 ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर अटकलें तेज हो गई।
फाल्टा में बीजेपी की शानदार जीत के बाद डायमंड हार्बर नगर पालिका में टीएमसी के आठ पार्षदों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। बता दें कि डायमंड हार्बर नगर पालिका में टीएमसी के 16 पार्षद थे। इस शहरी स्थानीय निकाय में दूसरी किसी पार्टी का एक भी पार्षद नहीं था। टीएमसी के आठ पार्षदों ने सोमवार को अपने निजी कारणों को हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। ममता की पार्टी के लिए भी यह बड़ा झटका है।