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पश्चिम बंगाल में घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, घरों में नहीं लगेंगे स्मार्ट बिजली मीटर

Smart Electricity Meter: पश्चिम बंगाल में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। बंगाल में स्मार्ट ​मीटर लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध शुरू करने की घोषणा मुख्यमंत्री शुवेंदू अधिकारी ने की है। वहीं इस योजना में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।
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West Bengal Government Decision
पश्चिम बंगाल में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत, Photo- X

Smart Electricity Meter: पश्चिम बंगाल में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। बंगाल में स्मार्ट ​मीटर लगाने की प्रक्रिया चरणबद्ध शुरू करने की घोषणा विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की है। वहीं इस योजना में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। यानि स्मार्ट बिजली मीटर केवल अघरेलू और कमर्शियल श्रेणी के उपभोक्ताओं के ​बिजली कनेक्शनों के लिए ही अनिवार्य किए गए हैं।

15,000 करोड़ रुपए घाटे की भरपाई

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने राज्य की बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। राज्य में बिजली टैरिफ में बदलाव के साथ 15,000 करोड़ रुपए घाटे की भरपाई की योजना तैयार की गई है।
इस फैसले के बाद न केवल बिजली चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि सालों से बकाया बिलों की वसूली के साथ-साथ राज्य का पूरा बिजली टैरिफ ढांचा भी पूरी तरह बदल जायेगा।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

पश्चिम बंगाल में सबसे पहले सरकारी दफ्तरों और अघरेलू और बड़े कमर्शियल ​बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की कार्रवाई शुरू होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी के अनुसार, अभी घरेलू श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट बिजली मीटर लगवाने की अनिवार्यता से छूट दी गई है।

प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प

स्मार्ट बिजली मीटर स्कीम में बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड में से कोई भी एक विकल्प चुनने की छूट दी है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार हर स्मार्ट मीटर पर राज्य सरकार को सब्सिडी देगी। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए जेब से एकमुश्त पैसे नहीं देने होंगे।

800 करोड़ रुपए बकाया वसूली की तैयारी

पश्चिम बंगाल में बीते वर्षों में कुप्रबंधन के चलते बिजली विभाग का घाटा करीब 15,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। इसे सुधारने के लिए राज्य सरकार अगले दो महीनों में एक ‘सोर्स एलोकेशन प्लान’ तैयार करेगी। सरकारी विभागों और अन्य बड़े बकायेदारों से करीब 800 करोड़ रुपए के बकाया बिलों की वसूली को लेकर भी सरकार ने कार्य योजना तैयार कर ली है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की समीक्षा रिपोर्ट में राज्य में अभी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) लॉस करीब 12 फीसदी बताया गया है। जिसे सरकार स्मार्ट मीटर की मदद से सिंगल डिजिट में लाने की तैयारी कर रही है।

Updated on:
22 Jul 2026 07:55 pm
Published on:
22 Jul 2026 07:37 pm