पश्चिम बंगाल के आसनसोल में एक व्यक्ति को दुर्गा माता की मूर्ती का चेहरा चुराने के आरोप में खंबे से बांध कर जमकर पीटा गया।
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में एक सनसनीखेज मामला का खुलासा हुआ है। यहा एक व्यक्ति को दुर्गा माता की प्रतिमा का चेहरे चुराने के आरोप में बिजली के खंबे से बांधकर जमकर पीटा गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत कराया और आरोपी को हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस पुछताछ के जरिए इस चोरी का उद्देश्य पता लगाने की कोशिश कर रही है। चोरी किए गए दुर्गा प्रतिमा के चेहरे आगामी दुर्गा पुजा के लिए तैयार किए जा रहे थे।
दरअसल, बापी पाल नामक एक मूर्ति कलाकार की कार्यशाला से दो दुर्गा मूर्तियों के चेहरे कथित तौर पर चोरी हो गए थे। इन दोनों चेहरों को बाद में पाल की कार्यशाला के पास में ही प्रीतम ठाकुर की कार्यशाला से बरामद कर लिया गया था। दरअसल पाल के पास मूर्ती बनाने के कुछ अनोखे सांचे है, जो आस पास किसी मूर्तिकार के पास नहीं है। शुरुआती जांच के अनुसार, पाल से ईर्ष्या और द्वेष के चलते ठाकुर ने उसकी मूर्तियों के चेहरे चुरा लिए। इन मूर्तियों में से एक कल एक पूजा समिति को दी जानी थी।
पुलिस ने ठाकुर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है। पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह चोरी काम में आपसी जलन के चलते की गई है यह फिर कोई निजी रंजिश या किसी बड़ी साजिश के तहत इस चोरी को अंजाम दिया गया था। बता दे कि बंगाल में बहुत जोर-शोर से दुर्गा पूजा का त्योहार मनाया जाता है। यह राज्य का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। इसमें अलग अलग जगहों पर दुर्गा पंडाल लगाए जाते है, जहां माता की बड़ी बड़ी मूर्तियां विराजमान की जाती है। इस साल इस उत्सव की शुरुआत 21 सितंबर को महालया के दिन देवी पक्ष के आगमन के साथ होगी और मुख्य उत्सव 28 सितंबर (महाषष्ठी) से 2 अक्टूबर (महा दशमी) तक चलेगा।