passive investment : कम लागत, निवेश में सरलता और मार्केट के अनुरूप रिटर्न मिलने की वजह से निवेशक अब पैसिव फंड्स में निवेश पसंद कर रहे हैं।
passive investment : कम लागत, निवेश में सरलता और मार्केट के अनुरूप रिटर्न मिलने की वजह से निवेशक अब पैसिव फंड्स में निवेश पसंद कर रहे हैं। पैसिव फंड्स यानी इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) का एक्सपेंस रेशियो यानी यानी फंड की लागत 0.05 प्रतिशत से लेकर 1 प्रतिशत के बीच है। जबकि, एक्टिव फंड में यह 1 फीसदी से 2 फीसदी तक हो सकती है। साथ ही पैसिव फंड में स्कीम से बाहर निकलने पर कोई खर्च यानी एग्जिट लोड नहीं लिया जाता है।
शेयर बाजार में लिस्ट और ट्रेड होने वाले म्यूचुअल फंड हैं। ईटीएफ न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) की अवधि के दौरान फंड हाउस से खरीदने के लिए उपलब्ध होते हैं। वहीं एनएफओ के बाद फंड की यूनिट्स शेयर बाजार पर लिस्ट होती हैं, जहां से इन्हें खरीदा और बेचा जा सकता है। इसके लिए डीमैट खाते की जरूरत होती है। इंडेक्स फंड की तरह ईटीएफ भी किसी खास मार्केट इंडेक्स जैसे निफ्टी 50, निफ्टी 100 आदि को ट्रैक करते हैं। इनका प्रदर्शन उस इंडेक्स जैसा होता है। यह इंडेक्स गोल्ड जैसा कमोडिटी या बॉन्ड मार्केट से जुड़ा हो सकता है।
डेट ईटीएफ 96,163
गोल्ड ईटीएफ 31,224
सिल्वर ईटीएफ 5,600
(राशि करोड़ रुपए में)
शेयर बाजार खुलने के पहले 15 से 30 मिनट के बीच एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले ईटीएफ का वॉल्यूम काफी कम होता है। इसलिए बाजार खुलते ही ईटीएफ की खरीद-बिक्री करने से बचें। इसका सबसे सही समय 10.30 बजे के बाद है।
यदि आप मार्केट ऑर्डर यानी उस समय के भाव पर ईटीएफ खरीदते हैं तो हो सकता है कि यह लास्ट ट्रेडेड प्राइस से काफी ज्यादा या कम हो। इसलिए हमेशा लिमिट ऑर्डर का उपयोग करें। इसमें किस कीमत पर ईटीएफ यूनिट खरीदना है आप खुद तय कर सकते हैं।
उतार-चढ़ाव वाले बाजार में ईटीएफ अपने वास्तविक प्राइस से काफी ऊपर या नीचे ट्रेड कर सकता है। इसलिए जब ईटीएफ खरीदें और बेचें, तो सुनिश्चित करें कि कीमत एनएवी के करीब हो।
सभी ईटीएफ को लेकर निवेशकों में उत्साह नहीं होता हैस इस वजह से सभी ईटीएफ नियमित रूप से व्यापार नहीं करते हैं। यदि आप ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं तो केवल उस दिन के वॉल्यूम की जांच नही करें, बल्कि पिछले 6 महीने के वॉल्यूम को देखें। अच्छे वॉल्यूम वाले ईटीएफ में ही निवेश करें।
लॉन्ग टर्म में ईटीएएफ के जरिए वेल्थ क्रिएट करने के लिए एसआइपी के जरिए निवेश सबसे बेहतर साधन है। यदि आप ईटीएफ में नियमित रूप से निवेश करते हैं, तो आप म्यूचुअल फंड की तरह ही एसआइपी से निवेश करें।