February 26 भारत का पहला पतंग संग्रहालय कहां है? तो हम अब को बता दें कि, 26 फरवरी 1975 को गुजरात के अहमदाबाद में देश का पहला पतंग संग्रहालय शुरू किया गया था। इस पतंग संग्रहालय का नाम 'शंकर केंद्र' दिया गया। और इसी वजह से 26 फरवरी की डेट इतिहास में भी दर्ज हो गई।
India first Kite Museum आकाश में जब खूबसूरत पतंगें उड़तीं हैं तो हर व्यक्ति का दिल उन्हें देखकर मचल जाता है। भारत देश में तो सिर्फ बहाना चाहिए पतंग उड़ाने का। आजादी का जश्न हो या फिर मकर संक्रांति का त्योहार या फिर जमघट पूरे देश में वो काटा.. की आवाज गूंज जाती है। पर एक सवाल मन में कौंध जाता है कि, दुनिया में पहली पतंग कब उड़ाई गई थी। तो ऐसा बताया जाता है कि, 2800 साल पहले चीन में पतंग उड़ाने की शुरूआत हुई थी। चीन में सबसे पहले मोजी और लू बैन नाम के दो व्यक्तियों ने पतंग उड़ाई थी। बताया जाता है कि, उस वक्त पतंग का इस्तेमाल बचाव अभियान के लिए संदेश के तौर पर किया जाता था। पर बदलते वक्त के साथ पतंग अब मनोरंजन साधन बन गया है। अब यह एक प्रश्न है कि, भारत का पहला पतंग संग्रहालय कहां है? तो हम अब को बता दें कि, 26 फरवरी 1975 को गुजरात के अहमदाबाद में देश का पहला पतंग संग्रहालय शुरू किया गया था। इस पतंग संग्रहालय का नाम 'शंकर केंद्र' दिया गया। और इसी वजह से 26 फरवरी की डेट इतिहास में भी दर्ज हो गई।
कब से उड़ाई जा रही है भारत में पतंग
मानना जाता है कि, चीनी यात्री Fa Hien और Hiuen Tsang पतंग को भारत में लाए थे। यह पतंग टिशू पेपर और बांस के ढांचे से बनी थी।
अहमदाबाद में है पतंग संग्रहालय
माना जाता है कि, अहमदाबाद में मौजूद पतंग संग्रहालय देश में पहला और दुनिया में दूसरा पतंग संग्रहालय है। पतंग के इतिहास में रुचि रखने वाले लोग इस संग्रहालय जाकर कुछ अद्भुत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पतंग संग्रहालय की कल्पना भानु शाह ने की थी। उन्होंने ही अहमदाबाद नगर निगम को दुर्लभ पतंगों का अपना संग्रह दान किया था। इस संग्रहालय में दुनिया भर की दुर्लभ पतंग मौजूद हैं।
भारत में होता है पतंगबाजी का मुकाबला
गुजरात में उत्तरायण या मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी का मुकाबला होता है। इसके अलावा राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी पतंग के त्योहार को मनाया जाता है।