पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस द्वारा अचानक अपने पद से इस्तीफा देने और अपने उत्तराधिकारी के रूप में RN रवि को नियुक्त करने से राजनीतिक माहौल गर्म है। बोस के इस्तीफा देने से बाद से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब आनंद बोस ने इस्तीफा देने के मामले पर चुप्पी तोड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी द्वारा BJP पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। इस्तीफा देने के सवाल पर आनंद बोस ने कहा- जहां प्रवेश होता है, वहां निकास भी होता है। मैंने यहां राज्यपाल के रूप में 1200 दिन पूरे कर लिए हैं, जो क्रिकेट की भाषा में 12 शतक के बराबर हैं, बस इतना ही काफी है। एक समय आता है रुकने का, मुझे लगा कि अब मेरे लिए विदा लेने का सही समय है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल CV आनंद बोस ने अपना इस्तीफा देने के बारे में चुप्पी तोड़ी है। आनंद बोस से इस्तीफा देने का कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि यह कदम सोच-समझकर लिया गया निर्णय था, जिसके कारण सही समय आने तक गोपनीय रहेंगे। उन्होंने इस्तीफा देने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है। बोस ने कहा कि वह अपना वोट डालने के लिए बंगाल लौटेंगे। आनंद बोस मूल रूप से केरल के निवासी हैं। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने से एक सप्ताह पहले ही मतदान केंद्र बंगाल में ट्रांसफर किया था। उनके इस्तीफे के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
राज्यपाल CV आनंद बोस के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने BJP और NDA सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनावों से पहले कुछ राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बंगाल के राज्यपाल पर दबाव डाला गया होगा। इस दावे के बाद ममता ने शनिवार को फिर से NDA सरकार पर हमला बोला और पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल RN रवि को BJP का कार्यकर्ता बताया। ममता ने कहा- आनंद बोस का इस्तीफा केंद्र के दबाव का परिणाम था। आपने देखा कि CV आनंद बोस को कैसे हटाया गया? मुझे सब पता है, उन्हें धमकाया गया था। वे लोक भवन से पैसा बांटना चाहते हैं। वे लोक भवन को BJP का पार्टी कार्यालय बनाना चाहते हैं।
दिल्ली की ऐसी मनमानी से हर कोई सहमत नहीं होगा। मैंने सुना है कि जो व्यक्ति अब पश्चिम बंगाल आ रहा है, उसे सुप्रीम कोर्ट से कई टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। वह BJP का कार्यकर्ता है, लेकिन याद रखिए, पश्चिम बंगाल एक अलग जगह है। आप तमिलनाडु में जो चाहें कर सकते थे, लेकिन यहां आप ऐसा नहीं कर सकते। केंद्र सरकार किसी को अपना कार्यकाल पूरा नहीं करने दे रही है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ का जिक्र करते हुए कहा कि आपने जगदीप धनखड़ के साथ भी यही किया था।
आनंद बोस ने 7 मार्च को सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने वाले राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल को बदलकर गोपालपुर शिफ्ट किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बहुत अनुभवी, संतुलित और अत्यंत गरिमामयी व्यक्ति हैं। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने के संबंध में जो कहा है, उसके पीछे कुछ कारण जरूर रहे होंगे। राष्ट्रपति के बयान पर टिप्पणी करने का मुझे कोई अधिकार नहीं है। बता दें कि राष्ट्रपति 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं थीं। कार्यक्रम से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने सुरक्षा व अन्य कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम स्थल बदल दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई थी।