
BrahMos Missile
Indonesia Signed Formal Agreement: इंडोनेशिया ने भारत के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की खरीद के लिए औपचारिक समझौता किया है। इस समझौते के साथ इंडोनेशिया, फिलीपींस के बाद ब्रह्मोस मिसाइल प्राप्त करने वाला दूसरा विदेशी देश बन गया है। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिराइट ने इस सौदे की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम जकार्ता के सैन्य आधुनिकीकरण और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच इंडोनेशिया अपनी समुद्री और तटीय रक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
इससे पहले फिलीपींस ने वर्ष 2022 में भारत के साथ लगभग 375 मिलियन डॉलर का ब्रह्मोस मिसाइल सौदा किया था। उस समझौते के तहत फिलीपींस को तटीय रक्षा के लिए ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है। अब इंडोनेशिया के साथ होने वाला यह नया सौदा भारत के रक्षा निर्यात क्षेत्र के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की रक्षा तकनीक की वैश्विक साख और मजबूत होगी तथा दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि अभी तक ब्रह्मोस एयरोस्पेस और भारत के रक्षा मंत्रालय की ओर से इस समझौते पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अनुबंध पर अंतिम हस्ताक्षर के साथ ही इस सौदे की पूरी प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है। यह लगभग मैक 2.8 से 3 की गति से उड़ान भर सकती है और कम ऊंचाई पर उड़ते हुए दुश्मन के रडार से बचकर सटीक निशाना साधने में सक्षम है। इस मिसाइल को जमीन, समुद्री जहाज, पनडुब्बी और लड़ाकू विमान जैसे सुखोई-30 से भी लॉन्च किया जा सकता है। शुरुआत में इसकी मारक क्षमता लगभग 290 किलोमीटर थी, लेकिन नई पीढ़ी के संस्करण में इसकी रेंज 400 किलोमीटर से अधिक कर दी गई है। यह मिसाइल भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की प्रमुख स्ट्राइक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Published on:
10 Mar 2026 02:08 am
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