Bihar: कृषि विभाग को 31 जनवरी तक 10 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे का लक्ष्य दिया गया है। कृषि विभाग ने 24 जनवरी तक करीब 9500 प्लॉट का सर्वे कर लिया है।
Bihar News: बिहार में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। दरअसल, आरा जिले के 14 प्रखंड के करीब 45 हजार प्लॉट हिंद महासागर में दिखाई दे रहे हैं। ये सभी किसानों की जमीन है। यह गड़बड़ी अक्षांश और देशांतर में त्रुटि के कारण हुई है। फिलहाल इस मामले का समाधान निकालने में कृषि और राजस्व विभाग जुटा हुआ है। बता दें कि डिजिटल क्रॉप सर्वे 20 दिसंबर से चल रहा है। इस सर्वे का मकसद किसानों की जमीन का सही डाटा एकत्रित करना है। ताकि जरूरतमंद किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
आरा जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे के डेटा को भूमि संरक्षण विभाग साइट पर अपलोड कर रहा है। लेकिन अक्षांश और देशांतर में त्रुटि होने के कारण कागजों में जिस जगह पर जमीन है वहां न दिखाकर किसानों की जमीन हिंद महासागर में दिख रही है। इससे किसान परेशान नजर आ रहे हैं। मामले में कृषि विभाग ने कहा कि राजस्व विभाग से यह गलती हुई है। जमीन सर्वे के डेटा को विभागीय साइट पर अपलोड करते समय अक्षांश और देशांतर बदल दिए। जिसके कारण करीब 45 हजार प्लॉट की स्थिति बदल गई। इस गलती को सुधार के लिए राजस्व विभाग को जमीनों का लेखा-जोखा भेजा जा रहा है।
कृषि विभाग को 31 जनवरी तक 10 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे का लक्ष्य दिया गया है। कृषि विभाग ने 24 जनवरी तक करीब 9500 प्लॉट का सर्वे कर लिया है। इनमें से 4500 प्लॉट में अक्षांश और देशांतर की गड़बड़ी पाई गई।
वहीं आरा के किसान इस गड़बड़ी के चलते परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों ने मामले में कहा कि यह एक अजीबोगरीब स्थिति है। कागजों में उनकी जमीन आरा में है लेकिन डिजिटल मैप में हिंद महासागर में दिख रही है। किसानों को चिंता हो रही है कि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा।