Digital payments: CM नायडू ने कहा कि उन्होंने 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिजिटल करेंसी पर एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बड़े नोटों की छपाई बंद करने का सुझाव दिया था।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने 500 रुपये के नोटों को बंद करने की मांग उठाई। वाईएसआर कडप्पा जिले में टीडीपी की वार्षिक महानाडु सभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े नोटों को बंद करने से भ्रष्टाचार और काले धन पर लगाम लगेगी, साथ ही वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सीएम नायडू ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की वकालत की, यह उल्लेख करते हुए कि टीडीपी ने पहले ही डिजिटल माध्यमों जैसे क्यूआर कोड के जरिए चंदा जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे नकद लेनदेन की जरूरत कम होती है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिजिटल करेंसी पर एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बड़े नोटों की छपाई बंद करने का सुझाव दिया था।
उन्होंने कहा कि यह कदम राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार की जड़ पर प्रहार करेगा। सीएम नायडू ने कहा कि डिजिटल भुगतान राजनीतिक दान और खर्च में पारदर्शिता लाएगा, एक ऐसा क्षेत्र जो लंबे समय से काले धन और अपारदर्शी फंडिंग के आरोपों से घिरा हुआ है।
सीएम नायडू ने कहा कि दुनिया भर में अब डिजिटल करेंसी का चलन बढ़ रहा है। भारत को भी इस कदम में ठोस कदम उठाने होंगे। वहीं सभा के अंत में सीएम ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से इस विचार का समर्थन करने की अपील की और बड़े नोटों को हटाने के पक्ष में हाथ उठाकर तालियां बजाने को कहा।
बता दें कि सीएम नायडू की यह मांग 2016 की नोटबंदी की याद दिलाती है, जब 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए गए थे। उस समय भी नायडू ने इस कदम का समर्थन किया था, लेकिन नए 500 और 2000 रुपये के नोट जारी किए गए थे।