महिला पुलिस कांस्टेबल को ट्रैफिक जुर्माने से वसूले गए 17.3 लाख रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
गोवा पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल को ट्रैफिक जुर्माने से वसूले गए 17.3 लाख रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। गोवा पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "जैसे ही यह मामला सामने आया, तुरंत जांच के आदेश दिए गए। संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और पूरी राशि को सरकारी खाते में जमा करवा दिया गया। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
यह महिला कांस्टेबल, पूजा गवास, पहले उत्तरी गोवा के बिचोलिम पुलिस स्टेशन में तैनात थीं और बाद में उन्हें एस्कॉर्ट सेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। जब ट्रैफिक पुलिस रिकॉर्ड और आधिकारिक बैंक जमा रसीदों में कुछ विसंगतियां पाई गईं, तो जांच शुरू की गई। इन विसंगतियों के आधार पर बिचोलिम में उप-विभागीय पुलिस अधिकारी ने जांच के आदेश दिए, जिससे इस गंभीर मामले का पर्दाफाश हुआ।
इस बीच, कांग्रेस विधायक कार्लोस फरेरा ने पुलिस कांस्टेबल के निलंबन में कथित देरी के लिए गोवा सरकार की आलोचना की। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एल्डोना के विधायक फरेरा ने घटनाओं के क्रम पर स्पष्टीकरण मांगा और कहा, "यह एक गंभीर अपराध है। कोई एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई? कांस्टेबल को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? क्या उसे कोई 'गॉडफादर' बचा रहा है? एफआईआर न दर्ज करना जांच की गंभीरता पर संदेह उत्पन्न करता है। ये लोग वर्दी में लूटपाट कर रहे हैं… इन्हें सिर्फ निलंबित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि बर्खास्त भी किया जाना चाहिए।
सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए। मुख्यमंत्री, जो गृह मंत्री भी हैं, को घटनाओं के क्रम का खुलासा करना चाहिए और फाइलें दिखानी चाहिए।" फरेरा के बयान ने इस मामले में उच्च स्तर पर जवाबदेही की मांग की और सवाल उठाए कि किस प्रकार के दबाव के कारण मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया।