Worst Performing Currencies: भारतीय रुपये की हालत इन दिनों काफी खराब है। हाल ही में, रुपये ने एशिया की सबसे कमजोर करेंसी की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया है।
Rupee Performance : भारतीय रुपये की हालत इन दिनों काफी खराब है। इंडियन करेंसी में भारी गिरवाट की वजह से खराब रिकॉर्ड में भारतीय करेंसी का नाम दर्ज हो गया है। पिछले महीने के दौरान रुपये का नाम एशिया की सबसे खराब करेंसी की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आया है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने में डॉलर के मुकाबले एशिया की ज्यादातर करेंसी मजबूत हुई हैं। सिर्फ भारतीय रुपये और बांग्लादेशी टका ही ऐसी दो करेंसी रही, जिसके भाव में डॉलर के मुकाबले गिरे हुए हैं। टका 1.58% की गिरावट के साथ अगस्त में एशिया की सबसे खराब करेंसी बना है। उसके बाद 0.17% गिरकर रुपया दूसरे नंबर पर रहा।
भारतीय करेंसी अभी डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो लेवल पर आई हुई है। पिछले सप्ताह के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 84 से भी नीचे तक गिरा हुआ था। अगस्त महीने के बाद सितंबर में भी रुपये में गिरावट जारी है। इस महीने भारतीय करेंसी अब तक 0.13% कमजोर हो चुकी है। इस पूरे फाइनेंशियल ईयर में यानी अप्रैल से अभी तक रुपया 0.6% कमजोर हुआ है।
लास्ट फाइनेंशियल ईयर में रुपये ने अच्छा परफॉर्म किया था और एशिया की तीसरी सबसे स्थिर व मजबूत करेंसी बनने में कामयाब रही थी। लास्ट फाइनेंशियल ईयर के दौरान एशिया में भारतीय रुपये से बेहतर सिर्फ हांगकांग डॉलर और सिंगापुर डॉलर का परफॉर्मेंस रहा था। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में रुपया 1.5% नीचे आया था। हालांकि उससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में रुपये में 7.8% की भारी गिरावट आई थी।
पिछले महीने की बात करें तो एशियाई करेंसी में सबसे बेहतर स्थिति ताईवान डॉलर की रही, जो डॉलर के मुकाबले पूरे महीने में 2.72% मजबूत थी। साउथ कोरिया का वॉन 2.47% की मजबूती के साथ अगस्त में एशिया की दूसरी सबसे अच्छी करेंसी बना था। जापान का येन 2.61% की तेजी के साथ तीसरे और वियतनाम का डोंग 1.56% की मजबूती के साथ चौथे पायदान पर रहा।