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Maharashtra: 9 पुलिसकर्मियों को जेल पहुंचाने वाले खिलाड़ी की संदिग्ध मौत, चोट के निशान देख परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Maharashtra Police Recruitment: बीड में पुलिस भर्ती के खेल कोटे में फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला उजागर करने वाले 24 वर्षीय खिलाड़ी वैभव चव्हाण का संदिग्ध हालत में शव मिला है। परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
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Updated: 6 Nov 2026, 6:14 PM IST
Maharashtra Murder News
वैभव चव्हाण। फाइल फोटो- पत्रिका

बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले में पुलिस भर्ती के दौरान खेल कोटे में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने का मामला उजागर करने वाले युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नवगण राजुरी निवासी वैभव चव्हाण (24) का शव इमामपुर इलाके में मिला। वैभव ने पुलिस भर्ती में फर्जी खेल प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर नौकरी पाने वालों के खिलाफ शिकायत की थी। उसकी मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

मृतक कराटे का खिलाड़ी

वैभव कराटे का खिलाड़ी था। उसके पास राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के प्रमाणपत्र थे। वर्ष 2024-25 में उसने धाराशिव पुलिस भर्ती के खेल कोटे में आवेदन किया था। इस दौरान वह प्रतीक्षा सूची में था। उसे संदेह हुआ कि उससे आगे के एक अभ्यर्थी ने फर्जी खेल प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल कर ली है। इसके बाद वैभव ने पुणे के बालेवाड़ी स्थित खेल आयुक्तालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के बाद कई लोगों पर दर्ज हुए थे मामले

वैभव की शिकायत के बाद कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव और कई जिलाध्यक्षों के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे। पुणे में पुलिस भर्ती के जरिए नौकरी पाने वाले 19 लोगों का मामला भी सामने आया था। इनमें से नौ पुलिसकर्मियों को जेल जाना पड़ा था। वैभव ने शिकायत के बाद अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी। सोशल मीडिया पर उसका एक ऑडियो संदेश वायरल हुआ था। इसमें उसने फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के इस नेटवर्क से खुद और अपने दोस्त की जान को खतरा होने की बात कही थी।

शरीर पर चोट के निशान होने का दावा

शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वैभव के भाई गणेश चव्हाण और अन्य परिजनों का आरोप है कि उसके शरीर, कमर और पैरों पर मारपीट के गंभीर निशान हैं। उनका कहना है कि वैभव की मौत सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे फर्जी प्रमाणपत्रों का नेटवर्क हो सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता हनुमंत धायगुड़े और महाराष्ट्र पुलिस बॉय संगठन के अध्यक्ष राहुल दुबाले ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के जरिए पुलिस भर्ती में नौकरी पाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मोबाइल का डेटा रिकवर करेगी पुलिस

बीड ग्रामीण थाने के निरीक्षक सोमनाथ जाधव ने बताया कि अब तक मिले पंचनामा और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह जानने के लिए दो पुलिस अधिकारियों की टीम बनाई गई है। वैभव के मोबाइल का डेटा डिलीट होने की जानकारी मिली है, जिसे रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नवगण राजुरी में पुलिस सुरक्षा के बीच वैभव का अंतिम संस्कार किया गया। उसकी मौत से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में आक्रोश है। वहीं परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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6 Nov 2026, 6:14 PM IST
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