6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

18 महीने की बीमार हथिनी माया को केरल से किया गया एयरलिफ्ट, वंतारा में होगा स्पेशल ट्रीटमेंट

18 महीने की बीमार हाथी की बच्ची हथिनी माया को स्पेशल ट्रीटमेंट के लिए केरल से गुजरात के जामनगर में एयरलिफ्ट के ज़रिए ले जाया गया है। उसका इलाज अब वंतारा में होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 6 Nov 2026, 5:45 PM IST

Maya

18 महीने की बीमार हाथी की बच्ची माया (Photo - Video Screenshot from @gemsofbabus_)

केरल के अभयारण्यम (Abhayaranyam) एलीफेंट रिहैबिलिटेशन सेंटर में 18 महीने की हथिनी माया (Elephant Calf Maya) को आज, शुक्रवार, 6 नवंबर को एयरलिफ्ट करके गुजरात (Gujarat) के जामनगर (Jamnagar) स्थित वंतारा (Vantara) में भेजा गया है। वंतारा में माया का स्पेशल ट्रीटमेंट होगा। माया की तबीयत काफी खराब चल रही है और पिछले कुछ महीनों से वो खड़े भी नहीं हो पा रही है।

क्या है बीमारी?

जानकारी के अनुसार माया ऑस्टियोपीनिया नाम की एक जेनेटिक हड्डी संबंधी बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण उसकी हड्डियाँ बहुत कमजोर हो गई हैं। माया कई फ्रैक्चर से जूझ रही है। इसी वजह से वो खड़े नहीं हो पा रही है और न ही चल पा रही है। जानकारी के अनुसार माया ऑस्टियोपीनिया नाम की एक जेनेटिक हड्डी संबंधी बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण उसकी हड्डियाँ बहुत कमजोर हो गई हैं। माया कई फ्रैक्चर से जूझ रही है। इसी वजह से वो खड़े नहीं हो पा रही है और न ही चल पा रही है।

वंतारा में होगा स्पेशल ट्रीटमेंट

2 जुलाई को माया की स्थिति काफी गंभीर हो गई, जब खेलते समय वो फिसलकर गिर गई और उसके दाहिने कंधे में चोट लग गई। स्प्लिंट लगाने, विशेष फिज़ियोथैरेपी, और कैल्शियम तथा विटामिन-डी कीके उच्च खुराक वाले सप्लीमेंट देने जैसे कई तरह के उपचारों के बावजूद माया की हड्डियों की स्थिति अभी सही नहीं है। इसी वजह से उसे वंतारा एयरलिफ्ट किया जा रहा है, जहाँ उसका स्पेशल ट्रीटमेंट होगा। बताया जा रहा है कि वंतारा की टीम बहुत कम समय के नोटिस पर अभयारण्यम पहुंच गई। उनके एनिमल डॉक्टरों ने वन अधिकारियों और अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर माया की जांच की। इस संयुक्त जांच के बाद दोनों टीमें इस बात पर सहमत हुईं कि उसके इलाज और ठीक होने के लिए वंतारा ले जाना ज़रूरी बताया।

जन्म के कुछ दिन बाद ही माया की माँ ने छोड़ दिया था साथ

माया का जन्म पिछले साल अप्रैल में हुआ था। इस साल 19 अप्रैल को केरल के मलयाट्टूर डिवीज़न के कप्रीक्काड इलाके में माया को उसकी माँ और झुंड के अन्य हाथियों ने नदी पार करते समय छोड़ दिया था। नवजात माया कमजोर तो थी ही और गंभीर रूप से डिहाइड्रेटेड थी और उसे माँ का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) भी सही से नहीं मिला था।