शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वैभव के भाई गणेश चव्हाण और अन्य परिजनों का आरोप है कि उसके शरीर, कमर और पैरों पर मारपीट के गंभीर निशान हैं। उनका कहना है कि वैभव की मौत सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे फर्जी प्रमाणपत्रों का नेटवर्क हो सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता हनुमंत धायगुड़े और महाराष्ट्र पुलिस बॉय संगठन के अध्यक्ष राहुल दुबाले ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के जरिए पुलिस भर्ती में नौकरी पाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।