जावद एसडीएम कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार।
मध्य प्रदेश में सरकार की तमाम सख्ती और लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई के बावजूद विबागों में गूसखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मध्य प्रदेश में रोजाना एक न एक अफसर या जिम्मेदार रिश्वत लेते धराया जा रहा है, लेकिन घूसखोरी का जुनून इन जिम्मेदारों पर इतना हावी है कि, इन्हें पकड़े जाने और सजा पाने का कोई खौफ नहीं है। ताजा रिश्वतखोरी का मामला सूबे के नीमच एसडीएम कार्यालय से सामने आया है। यहां एक बाबू को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इधर नीमच कलेक्टर ने भी रिश्वतखोर बाबू को निलंबित कर दिया है।
रिस्वतखोरी के मामले को लेकर लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि, जावद के एसडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड - 3 के कर्मचारी कारूलाल खैर द्वारा ग्राम उमर सिंगोली के रहने वाले आवेदक मोहम्मद हारुन द्वारा आवेदन पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन संभाग अनिल विश्वकर्मा को देते हुए बताया कि, ग्राम अथवाखुर्द तहसील सिंगोली की संयुक्त स्वामित्व की 20 बीघा भूमि मेरे भाई अल्ताफ हुसैन और उसकी पत्नी द्वारा 9 लाख रुपए में सौदा कर दिया है। इसकी शिकायत करने पर बाबू द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
30 हजार की रिश्वत लेते धराया बाबू
इस संबंध में मैंने एसडीएम कार्यालय जावद में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू कारूलाल खैर क्रेता और विक्रेता को नोटिस जारी करने के साथ साथ मेरी शिकायत पर कारर्वाई करने के एवज में मुझसे ही 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत पर उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने उक्त आरोपों को वेरीफाई कराया। इसके बाद आज दिनांक को एसडीएम कार्यालय जावद के सहायक ग्रेड - 3 कारूलाल खैर को 30 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, आरोपी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
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