
Waste Factory Engulfed in Flames Due to Stubble Fire (फोटो- Patrika.com)
mp news: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरूवार को खेत में जलाई पराली के कारण बड़ा हादसा हो गया। जिले के जावद स्तिथ ग्राम केशरपुरा में फोरलेन के किनारे स्थित 'माधव एनर्जी' कचरा फैक्ट्री (वेस्ट प्लांट) में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड का मुख्य कारण खेतों में जलाई जा रही पराली बनी। जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के ठीक पीछे स्थित एक खेत में किसानों द्वारा पराली जलाई जा रही थी। हवा के तेज झोंकों के कारण वहां से उठी एक छोटी सी चिंगारी उड़कर सीधे कचरा प्लांट तक पहुंच गई।
प्लांट परिसर में भारी मात्रा में ज्वलनशील पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ (कचरा) डंप था, जिसके कारण उस एक चिंगारी ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री धू-धू कर जलने लगी। आग की लपटें और काले धुएं का गुबार इतना विशाल था कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। जावद एसडीएम प्रीति संघवी ने भी शुरुआती तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि आग किसानों द्वारा फैक्ट्री के पीछे जलाई जा रही पराली की चिंगारी से ही भड़की और बाहर पड़े कचरे तक पहुंच गई।
आग ने कुछ ही देर में इतना भयानक रूप ले लिया कि फोरलेन और आसपास के इलाके में भारी हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए फोरलेन का ट्रैफिक भी बाधित हो गया। सूचना मिलते ही नगर पालिका नीमच, नगर परिषद नयागांव, जावद और विक्रम सीमेंट की दमकल गाड़ियां (फायर टेंडर्स) तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू किए गए।
आग की भयावहता को देखते हुए दमकल के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी अदम्य साहस दिखाते हुए मोर्चा संभाल लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने के इस अभियान में अपनी जेसीबी, ट्रैक्टर व पानी के टैंकर लगाकर प्रशासन की भरपूर मदद की। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है, लेकिन फैक्ट्री में रखा लाखों रुपये का कचरा और कच्चा माल जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
पराली से भड़की इस भीषण आगजनी ने कचरा प्लांट में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की भी पोल खोलकर रख दी है। जयपुर निवासी दीपक शर्मा के स्वामित्व वाली इस 'माधव एनर्जी' फैक्ट्री में इतने बड़े पैमाने पर ज्वलनशील कचरे का भंडारण होने के बावजूद अग्निशमन के उपाय न के बराबर पाए गए। मौके पर न तो पानी की कोई फायर लाइन बिछी मिली और न ही आग बुझाने के अन्य पुख्ता इंतजाम नजर आए। ग्राम केशरपुरा निवासी भगत जाट सहित अन्य ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि फैक्ट्री का फोरलेन से बिल्कुल सटा होना और सुरक्षा मानकों का 'जीरो' होना एक बड़े खतरे को निमंत्रण दे रहा है।
यहां से दिन-रात मालवाहक ट्रकों और ज्वलनशील पदार्थों से भरे वाहनों की आवाजाही लगी रहती है, जिससे आग गुजरने वाले वाहनों तक पहुंचने का गंभीर खतरा बन गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से आमजन की सुरक्षा के मद्देनजर इस फैक्ट्री को तत्काल यहां से हटाने की पुरजोर मांग की है। वहीं, इतनी बड़ी घोर लापरवाही और ग्रामीणों की मांग को लेकर जब जावद एसडीएम प्रीति संघवी से दूरभाष पर विस्तृत चर्चा कर उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा। फिलहाल राहत और बचाव कार्य के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पराली जलाने की लापरवाही और फैक्ट्री की सुरक्षा खामियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Published on:
23 Apr 2026 09:49 pm
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