
सिंगोली। क्षैत्र में अवैध लकड़ी काटने
का सिलसिला बदस्तूर जारी है। प्रशासन चाहे जितना भी जतन करे लकड़ी के कारोबारी
प्रशासन की आंख मे धूल झोकने से बाज नहीं आ रहे हैं। गुरूवार को सिंगोली तहसीलदार
द्वारा सूचना मिली की नदी पार खेतों में हरे वृक्षों की कटाई कर के पेड़ डाल रखे
हैं। तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी ने राजस्व निरीक्षक बालकिशन धाकड़ को निर्देश
देकर कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिस पर कार्रवाई कर राजस्व निरीक्षक ने मौके पर
पंचनामा बनाकर लकड़ी जब्ती की कार्रवाई की।
मौके पर रामचंद्र, किशन पिता
सालगराम, माधुलाल पिता खेमा बलाई के खेत से दो बबूल, व एक अर्जुन का वृक्ष खोरडिया
व शफी पिता अब्दुर्रहमान के खेत से भी एक अर्जुन का वृक्ष व दो बबूल के हरे पेड़
कटे मिले। देखने से पता चला कि वहां से बबूल के पेड़ भी खड़े थे। जिन्हे संभवत:
काटकर बेच दिया गया। वहा एक भी बबूल का पेड़ या लकडी नहीं मिली।
वहां पर
काटे गए पेड़ों के ठूंठ को नाप कर पंचनामा बनाया गया। लकड़ी काटने वाले रामचन्द्र
पिता सालगराम बलाई नामक व्यक्ति ने बताया कि ये पेड़ माधवलाल बलाई द्वारा रमजू पठान
से ठेके पर कटवाए जा रहे थे। सिंगोली तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी ने बताया कि
सूचना के आधार पर पटवारी को भेजकर कार्रवाई की गई है। मौका पंचनामा बनाकर करीब 20
टन गीली लकड़ी काटे जाने का अनुमान लगाया गया है। संबंधित लोगों के खिलाफ अर्थदंड
की कार्रवाई की जा रही है।